न्यूक्लियर, AI और आतंकवाद... भारत-UAE के रिश्तों में आएगा नया मोड़ा, जानें PM मोदी और अल नाहयान के बीच क्या बातचीत हुई?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (19 जनवरी) को भारत आए यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से करीब दो घंटे तक अहम बातचीत की. इस बैठक में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।.

Published date india.com Published: January 19, 2026 11:30 PM IST
न्यूक्लियर, AI और आतंकवाद... भारत-UAE के रिश्तों में आएगा नया मोड़ा, जानें PM मोदी और अल नाहयान के बीच क्या बातचीत हुई?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (19 जनवरी) को भारत आए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से नई दिल्ली में अहम बातचीत की. ये दौरा भले ही सिर्फ दो घंटे का रहा, लेकिन इसमें भारत-यूएई रिश्तों को और मजबूत करने से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों नेताओं के बीच बातचीत का माहौल काफी सकारात्मक और भरोसे से भरा रहा.

बैठक में न्यूक्लियर ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग जैसे अहम विषयों पर सहमति बनी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच प्रतिबंधित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकें हुईं और कई समझौते व आशय पत्रों का आदान-प्रदान भी किया गया.

इन मुद्दों पर बड़ा फोकस

  • ऊर्जा सुरक्षा इस बैठक का एक बड़ा फोकस रहा. भारत और यूएई के बीच 10 साल का LNG (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) सप्लाई समझौता हुआ है. इसके तहत 2028 से हर साल भारत को 0.5 मिलियन टन गैस मिलेगी. इस डील के बाद यूएई भारत के सबसे बड़े गैस सप्लायर्स में शामिल हो गया है. मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह समझौता भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
  • न्यूक्लियर क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया. भारत और यूएई बड़े न्यूक्लियर रिएक्टर और स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR) पर मिलकर काम करने की संभावनाएं तलाशेंगे. साथ ही न्यूक्लियर सुरक्षा, रिएक्टर तकनीक और पावर प्लांट के संचालन पर भी सहयोग किया जाएगा.
  • टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया गया. भारत में सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर, डेटा सेंटर और डिजिटल एम्बेसी जैसे नए प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई. यूएई ने 2026 में भारत में होने वाले AI इम्पैक्ट समिट को भी समर्थन दिया.
  • रक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई. साथ ही आतंकवाद, खासकर सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकल्प दोहराया गया. दोनों पक्षों ने कहा कि आतंकवाद को फंडिंग करने वालों और समर्थन देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.
  • आर्थिक सहयोग भी बातचीत का अहम हिस्सा रहा. भारत-यूएई के बीच व्यापार 2024-25 में 100 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. दोनों देशों ने इसे 2032 तक 200 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है. गुजरात के धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में यूएई के निवेश पर भी चर्चा हुई.
  • इसके अलावा स्पेस, कृषि, खाद्य सुरक्षा और लोगों से लोगों के रिश्तों को मजबूत करने पर भी सहमति बनी. यूएई में करीब 45 लाख भारतीय रहते हैं, जिनके लिए सांस्कृतिक सहयोग बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे. कुल मिलाकर, यह छोटी लेकिन अहम मुलाकात भारत और यूएई के रिश्तों को नई मजबूती देने वाली साबित हुई.

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