नई दिल्ली: विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला और अमेरिका के राजनीतिक मामलों के उप विदेशमंत्री डेविड हेल ने मंगलवार को एक ऑनलाइन बैठक के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों ने स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया. Also Read - Russia Vaccine Update: रूस ने बना ली कोरोना की वैक्सीन, क्या भारत भी करेगा इस्तेमाल, जानें एम्स की राय

मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 महामारी के संदर्भ में दोनों पक्षों ने दवाओं और टीकों के विकास समेत द्विपक्षीय स्वास्थ्य साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई. उसने कहा, “उन्होंने छात्रों और पेशेवरों के लिये वीजा सुविधा समेत परस्पर लाभकारी व्यापार और लोगों से लोगों के संबंधों को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की.” Also Read - रूस में कोरोना की वैक्सीन ‘Sputnik V’ बनकर तैयार, भारत सहित 20 देशों ने दिया 100 करोड़ डोज का ऑर्डर

यह बातचीत भारत-अमेरिका विदेश कार्यालय परामर्श के तहत हुईं. यह तत्काल पता नहीं चल सका कि इस बातचीत में भारत चीन सीमा पर तनाव को लेकर चर्चा हुई या नहीं. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “उन्होंने भारत-अमेरिका समग्र वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के तहत राजनीतिक, आर्थिक, वाणिज्यिक, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग समेत विभिन्न मामलों की समीक्षा की.” Also Read - नेपाल ने भारतीय नागरिकों के लिए प्रवेश स्थल 20 से घटाकर किए आधे, उड़ानों पर रोक भी बढ़ाई

इसमें कहा गया कि श्रृंगला और हेल ने क्षेत्रीय और वैश्विक हित के कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किये. बयान में कहा गया, “उन्होंने स्वतंत्र, खुले, समावेशी, शांतिपूर्ण और समृद्ध हिंद-प्रशांत सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में सहयोग और बढ़ाने की जरूरत पर सहमति जताई, खासतौरपर 2021-2022 के दौरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता के दौरान.”

भारत और अमेरिका हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं जहां चीन अपना सैन्य और आर्थिक प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इसमें कहा गया, “उन्होंने इस साल भारत की मेजबाली में होने वाली ‘टू प्लस टू’ मंत्री स्तरीय बातचीत जैसी प्रणालियों के जरिये संपर्क में बने रहने और द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई.” भारत में इस साल दोनों पक्षों के बीच विदेश और रक्षा मंत्री की बातचीत निर्धारित है.