नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता ‘अटका’ नहीं है और दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुये हैं कि जल्दबाजी में यह नहीं किया जाना चाहिये. दिल्ली में आधिकारिक सूत्रों ने यह कहा है. इसके कुछ ही घंटे बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि उनकी पहली भारत यात्रा के दौरान समझौता संभवत: नहीं हो क्यों कि वह इस ‘बड़े समझौते’ पर हस्ताक्षर को बाद के लिए बचाए रखना चाहते हैं. Also Read - पीएम मोदी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री के साथ की शिखर बैठक; एक अरब पौंड के व्यापार और निवेश की हुई घोषणा

ट्रंप ने 24 फरवरी से शुरू होने वाली अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा से पहले वाशिंगटन में संवाददाताओं से कहा कि व्यापार के मामले में भारत ने अमेरिका के साथ ‘बहुत अच्छा’ बर्ताव नहीं किया है लेकिन ‘मैं प्रधानमंत्री मोदी को काफी पसंद करता हूं.’ ट्रंप की यात्रा को देखते हुये भारत में तैयारियां जोरों पर हैं. राष्ट्रपति ट्रंप उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने के लिये नयी दिल्ली, आगरा और अहमदाबाद तैयार हैं. अमेरिका का प्रथम दंपति अपनी इस बहुप्रतिक्षित यात्रा की शुरुआत अहमदाबाद में नवनिर्मित मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम से करेंगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस कार्यक्रम में उपस्थित होंगे. ट्रंप की इस यात्रा के दौरान अमेरिका से 24 नौसेना हेलिकाप्टर खरीदने के 2.6 अरब डालर के अनुबंध सहित कई सौदों का समझौता हो सकता है. ट्रंप की करीब 36 घंटे की इस भारत यात्रा में रक्षा क्षेत्र को अधिक शक्तिशाली बनाने, व्यापार और रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने पर बातचीत हो सकती है. Also Read - CoronaVirus In India: कोरोना से बिगड़े हालात पर पीएम मोदी कर रहे हैं अहम बैठक, करेंगे कोई बड़ा फैसला?

भारत को दोनों नेताओं के बीच जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठने की उम्मीद नहीं है. अमेरिका का विदेश मंत्रालय पहले ही यह कहा चुका है कि यह मुद्दा भारत और पाकिसतान के बीच द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाया जाना चाहिये. सूत्रों ने यह बताया. व्यापार समझौते के मुद्दे पर सूत्रों ने बताया, ‘हम जल्दबाजी में कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं क्योंकि इसके दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव होंगे. हम अल्पकाल के लिये निर्णय नहीं लेना चाहते हैं.’ सूत्रों ने कहा कि व्यापार समझौते के अलावा दोनों देश आपस में गहरे व्यापार और निवेश संबंधों के लिये मुक्त व्यापार समझौते पर गौर कर रहे हैं. भारत इस मामाले में अमेरिका द्वारा उसे फिर से सामन्यीकृत तरजीही प्रणाली में शामिल किये जाने पर जोर देगा. Also Read - Lockdown In India: पूरे देश में 3 मई से 20 मई के बीच लगने जा रहा है फुल लॉकडाउन! क्या ये सच है...जानिए

ट्रंप अमेरिकी हितों को सबसे आगे रखने की अपनी नीति पर चलने के लिए जाने जाते हैं और इससे पहले उन्होंने भारत को “टैरिफ किंग” कहा था. उनका कहना था कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर भारी शुल्क लगाता है. उन्होंने यहां ज्वायंट बेस एंड्रयूज में मंगलवार की दोपहर संवाददाताओं से कहा, “हम भारत के साथ एक बड़ा व्यापार समझौता कर रहे हैं. हम ऐसा करेंगे. मुझे नहीं पता कि क्या ये चुनाव (नवंबर में) से पहले हो सकता है, लेकिन हम भारत के साथ एक बहुत बड़ा समझौता जरूर करेंगे. भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ता में ट्रंप सरकार का प्रतिनिधित्व अमेरिका के व्यापार मंत्री रॉबर्ट लाइटहाइजर कर रहे हैं. सूत्रों की मानें तो लाइटहाइजर के ट्रंप के साथ भारत यात्रा पर जाने की उम्मीदें कम हैं. हालांकि, अधिकारियों ने उनके जाने की संभावनाओं को भी पूरी तरह से खारिज नहीं किया है.

ट्रंप की यात्रा से पहले पिछले कुछ सप्ताह के दौरान वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि लाइटहाइजर के बीच कई दौर की टेलीफोन वार्ता हो चुकी है. भारत चाहता है कि अमेरिका इस्पात और एल्यूमीनियम उत्पादों पर अमेरिका में लगाये गये ऊंचे शुल्क से राहत दे, सामन्यीकृत तरजीही प्रणाली के तहत कुछ घरेलू उत्पादों को निर्यात लाभ फिर से शुरू करे और कृषि, आटोमोबाइल, आटो कलपुर्जो और इंजीनियरिंग सामानों को अमेरिकी बाजार में अधिक पहुंच सुनिश्चित करे. वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत उसके कृषि और विनिर्मित उत्पादों, डेयरी उत्पादों और चिकित्सा उपकरणों के लिये बड़े स्तर पर अपने बाजार खोले. इसके साथ ही कुछ आईसीटी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करने का भी दबाव बनाये हुये हैं. अमेरिका ने भारत के साथ ऊंचे व्यापार घाटे पर भी चिंता जताई है. वर्ष 2018- 19 में यह घाटा 16.9 अरब डालर रहा है.