भारत और पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने पर सहमति जताई है. इसके बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसे रिश्ते चाहता है और शांतिपूर्ण तरीके से सभी मुद्दों को द्विपक्षीय ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से कहा, ‘महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है और मुझे यह दोहराने की जरूरत नहीं.’ Also Read - हिंद-प्रशांत अवधारणा को अस्वीकार करना वैश्वीकरण को खारिज करने के समान है: एस जयशंकर

उन्होंने कहा, ‘भारत, पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसे रिश्ते चाहता है और शांतिपूर्ण तरीके से सभी मुद्दों को द्विपक्षीय ढंग से सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है.’ उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत एवं पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों ने नियंत्रण रेखा पर और अन्य क्षेत्रों में संघर्ष विराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने पर सहमति जताई है. दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम को लेकर फैसला बुधवार आधी रात से लागू हो गया. Also Read - कोविड-19 के बाद के दौर में सेशेल्स के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करेगा भारत : जयशंकर

प्रवक्ता ने कहा कि हमने हमेशा यह कहा है कि हम सभी मुद्दों, अगर कोई है, उसका शांतिपूर्ण और द्विपक्षीय समाधान निकालने को प्रतिबद्ध हैं. इस घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि डीजीएमओ के संयुक्त बयान से जुड़े मुद्दे रक्षा मंत्रालय के तहत आते हैं. भारत और पाकिस्तान ने 2003 में संघर्ष विराम समझौता किया था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शायद ही इस पर अमल हुआ.

बहरहाल, सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई या सीमा पर सैनिकों की तैनाता में कोई कमी नहीं की जायेगी.

(इनपुट : भाषा)