नई दिल्ली/इस्लामाबाद. भारत ने पाकिस्तान द्वारा वायुसेना के एक पायलट को हिरासत में लिए जाने और उसके साथ मार-पीट किए जाने पर कड़ी चेतावनी दी है. साथ ही स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारतीय पायलट के साथ किसी तरह की बदसलूकी न की जाए. इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में यह भी कहा है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा जिस तरह भारतीय पायलट के साथ मार-पीट किए जाने के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. भारत इस हरकत की कड़ी निंदा करता है. विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से कहा है कि वह भारतीय वायुसेना के पायलट को सुरक्षित रिहा करे. Also Read - सफल परीक्षण के बाद एंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रुद्रम' से लैस किया गया सुखोई-30 विमान, वीडियो देख हिल जाएगा दुश्मन

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सरकार ने कहा- हमारा एक पायलट गायब है, पाकिस्तान ने उसकी गिरफ्तारी का किया है दावा Also Read - IAF DAY 2020: राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया दमखम, जैगुआर-चिनूक की गर्जना से गूंजा आसमान, देखें PHOTOS

इससे पहले पाकिस्तान की सेना ने अपने बयान से पलटते हुए कहा कि उसने ‘मात्र एक’ भारतीय पायलट को गिरफ्तार किया है. जबकि बुधवार की दोपहर पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि भारतीय वायुसेना के दो पायलट उसकी हिरासत में हैं. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा, “पाकिस्तानी सेना की हिरासत में मात्र एक है. विंग कमांडर अभिनंदन के साथ सैन्य आचारनीति के मानकों तहत बर्ताव किया जा रहा है.” इससे पहले गफूर ने दावा किया था कि भारतीय वायुसेना के दो पायलटों को गिरफ्तार किया गया है. एक पायलट घायल है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि एक अन्य पायलट को कोई चोट नहीं आई है.

इधर, नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की वायुसेना ने भारत में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन उनकी कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया. हालांकि कार्रवाई में एक भारतीय पायलट ‘लापता’ है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा था कि पाकिस्तान के मुताबिक भारतीय वायुसेना का एक पायलट उनकी हिरासत में है. “हम इसकी पड़ताल कर रहे हैं.” भारतीय विदेश मंत्रालय ने वायुसेना के पायलट अभिनंदन को हिरासत में लिए जाने को लेकर पाकिस्तान को जेनेवा संधि और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों की भी याद दिलाई है, जिसके तहत दुश्मन देश के सैनिकों के साथ बुरा बर्ताव न किए जाने का नियम है.

(इनपुट – एजेंसी)