उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और दक्षिण भारत में मानसून कमजोर पड़ने के संकेत हैं, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. जानिए आपके राज्य का मौसम कैसा रहेगा. 15 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश को कवर कर चुका है. IMD के अनुसार, अगले 6-7 दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधि कम रहने की संभावना है. कुल मिलाकर जुलाई में सामान्य से कम (94% LPA से नीचे) वर्षा और ऊंचे तापमान की उम्मीद है, जो कृषि और जल संसाधनों पर दबाव डाल सकता है. कुछ पूर्वी और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है.आइए जानते हैं राज्यवार मौसम का हाल.
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे. IMD प्रेस रिलीज के मुताबिक, दिल्ली में 15 जुलाई को अधिकतम तापमान 36-38°C और न्यूनतम 26-28°C के आसपास रहने की संभावना है, हल्की बारिश या गरज के साथ हल्की बारिश संभव. उत्तराखंड और हिमाचल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जिससे लैंडस्लाइड का खतरा है. जम्मू-कश्मीर में 15 जुलाई तक गर्म और आर्द्र मौसम के साथ हल्की बौछारें, भारी बारिश 18 जुलाई से.
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में मानसून सक्रिय रहेगा. ओडिशा में 14-15 जुलाई को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. पश्चिम बंगाल और बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश संभव है. पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय आदि में भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना, जिससे बाढ़ और जलभराव का खतरा.
महाराष्ट्र (मुंबई सहित), गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति. मुंबई में शुरुआती जुलाई में रिकॉर्ड बारिश (1000mm+) के बाद 15 जुलाई को भी मध्यम बारिश की उम्मीद कम है, 17 जुलाई के बाद फिर सक्रियता होने का अनुमान बै. गुजरात और राजस्थान में छिटपुट बारिश, लेकिन कुल मिलाकर गतिविधि कम रहने की संभावना जताई गई है.
कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र में मिली जुली स्थिति है. बेंगलुरु में 14 जुलाई को July का सबसे ज़्यादा तापमान 33.6°C दर्ज, सामान्य से 5°C ऊपर था. दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले दिनों बारिश कम रहने का अनुमान. केरल और तटीय कर्नाटक में जुलाई में कुछ भारी बारिश संभव है लेकिन कुल मिलाकर सामान्य से कम बारिश होने का ही अनुमान है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के साथ छिटपुट भारी बारिश हो सकती है. तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है, नमी भी ज्यादा रहने का अनुमान है .
दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल कमजोर बना हुआ है, 17 जुलाई के बाद मानसून में धीरे-धीरे सुधार आने और बारिश की गतिविधियों के बढ़ने की संभावना जताई गई है. 17 जुलाई के बाद केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी.
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