नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सीआईआई के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि हमें एक तरफ देशवासियों का जीवन भी बचाना है तो दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को भी स्‍थ‍िर प्रदान करना है, गतिशील करना है. पीएम ने कहा, बल्कि मैं तो वृद्धि वापसी  से आगे बढ़कर ये भी कहूंगा कि हां! हम निश्‍च‍ित रूप से रूप से अपनी वृद्धि वापस पा लेंगे.. लोगों में से कुछ लोग सोच सकते हैं कि संकट की इस घड़ी में, मैं इतने Confidence से ये कैसे बोल सकता हूं? मेरे इस आत्‍म विश्‍वास के कई कारण है. Also Read - देश में कोरोना के 28 हजार से ज्‍यादा नए केस, कल 9 लाख के पार होगा आंकड़ा

प्रधानमंत्री मोदी ने सीआईआई के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा- इस स्‍थिति में आपने वृद्धि वापस पाने की बात शुरू की है और निश्चित तौर पर इसके लिए आप सभी, भारतीय उद्योग जगत के लोग बधाई के पात्र हैं. Also Read - Coronavirus in Pune: पुणे में एक दिन में कोविड-19 के सर्वाधिक 1,088 नए मरीज आए सामने, जानें सभी जिलों का हाल

पीएम ने कहा- मुझे भारत की क्षमताओं और आपदा प्रबंधन पर भरोसा है. मुझे भारत के टेलेंट और टेक्‍नॉलॉजी पर भरोसा है. मुझे भारत के इनोवेशन और इंटलेक्‍ट पर भरोसा है. मुझे भारत के Farmers, MSME’s, Entrepreneurs पर भरोसा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भी हमें जहां एक तरफ इस वायरस से लड़ने के लिए सख्त कदम उठाने हैं, वहीं दूसरी तरफ इकॉनॉमी का भी ध्यान रखना है. न्होंने उद्योग संघ सीआईआई के वार्षिक अधिवेशन में कहा कि सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए कठोर कदम उठाए हैं और साथ ही अर्थव्यवस्था का भी ध्यान रखा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को उच्च वृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए इच्छाशक्ति, समावेश, निवेश, बुनियादी ढांचा और नवाचार महत्वपूर्ण है.

पीएम ने कहा, हमारे लिए सुधार कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है. हमारे लिए सुधार व्यवस्थित, योजनाबद्ध, एकीकृत, आपस में जुड़ी हुई और भविष्य को ध्यान में रखकर की गई प्रक्रिया है.” उन्होंने कहा, हमारे लिए सुधारों का मतलब है, फैसले लेने का साहस करना, और उन्हें तार्किक अंजाम तक ले जाना. एक तरफ हमें अपने लोगों के जीवन को सुरक्षित करना होगा और दूसरी तरफ हमें अर्थव्यवस्था को स्थिर करना होगा और अर्थव्यवस्था को गति देनी होगी.

पीएम ने कहा कि कोरोना के खिलाफ अर्थव्‍यवस्‍था को फिर से मजबूत करना, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिककताओं में से एक है. इसके लिए सरकार जो निर्णय अभी तुरंत लिए जाने जरूरी हैं, वो ले रही है. और साथ में ऐसे भी फैसले लिए गए हैं जो लंबी दौड़ में देश की मदद करेंगे.