Corona Vaccine: भारत में कोरोना के खात्मे के लिए टीकाकरण (Corona Vaccination in India) शुरू हो गया है. पहले चरण में तीन करोड़ लोगों को टीका लगाया जाएगा. भारत में जो वैक्सीन (Vaccine) बनी है, वो सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में भेजी जायेगी. दुनिया के कई देशों ने वैक्सीन के लिए संपर्क किया है. इस पर भारत फिलहाल 8 लाख से अधिक वैक्सीन दूसरे देशों को उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है. ये वैक्सीन इन देशों को सद्भावना के तौर पर भेजी जा रही है.Also Read - Delhi Coronavirus Update: दिल्ली में कोरोना में बड़ी भारी गिरावट, एक की मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय से कहा कि कोवैक्सीन की 8.1 लाख खुराकों की खरीद के लिए भारत बायोटेक (Bharat Biotech) से संपर्क करने पर विचार किया जाए, ताकि विभिन्न देशों को सद्भावना के तौर पर वैक्सीन दी जा सके. एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, सरकार के सचिव जीके पिल्लई ने फार्मास्युटिकल विभाग के सचिव और विदेश सचिव के बीच हुई बैठक में यह संकेत दिए. Also Read - Corbevax Vaccine: 840 रुपए की कॉर्बेवैक्स वैक्सीन की कीमत घटाई गई, अब 250 रुपए प्रति खुराक मिलेगी

कार्यालय के ज्ञापन पत्र में कहा गया है, इस संबंध में यह सूचित करना है कि भारत में चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए भारत बायोटेक लिमिटेड स्वास्थ्य मंत्रालय को इस टीके की कुल एक करोड़ खुराक प्रदान कर रहा है. वैक्सीन की कीमत जीएसटी मिलाकर प्रति खुराक 295 रुपये है. Also Read - Corona Virus: कोलकाता के आईआईएम-सी में फैला कोरोना, 28 छात्र हुए संक्रमित, हड़कंप

इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्रालय इस वैक्सीन की 8.1 लाख खुराक की खरीद के लिए भारत बायोटेक से संपर्क करने पर विचार करेगा. सचिव ने कहा कि भारत में चल रहे टीकाकरण अभियान की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए, विदेश मंत्रालय द्वारा भारत बायोटेक से खुराक की मात्रा 22 जनवरी के बाद ही खरीदी जानी चाहिए.

इसके अलावा 12 जनवरी को भारत बायोटेक ने घोषणा की थी कि उसने ब्राजील को कोवैक्सीन की खुराक की आपूर्ति के लिए प्रीसिसा मेडिकामेंटोस के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार की सुबह विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. अभियान के पहले दिन देशभर में 1.91 लाख से अधिक लोगों को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से निर्मित ऑक्सफोर्ड (Oxford) की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की ओर से बनाई गई कोवैक्सीन दी गई.