नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन व संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के प्रमुख एरिक सोल्हिम ने सोमवार को कहा कि भारत विश्व पर्यावरण दिवस 2018 की मेजबानी करेगा. विश्व पर्यावरण दिवस 2018 का विषय ‘बीट प्लॉस्टिक पॉल्यूशन’ होगा. पर्यावरण दिवस का आयोजन हर साल पांच जून को होता है. कनाडा ने 2017 में इसका आयोजन किया था. Also Read - World Environment Day 2020 : लॉकडाउन में पर्यावरण हुआ स्वच्छ, शहरों से लेकर नदियों में दिखा ये बदलाव

मंत्री ने कहा, “भारत के लिए विश्व पर्यावरण दिवस 2018 एक प्रतीकात्मक समारोह नहीं, बल्कि एक मिशन है.” उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय मुद्दे सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि नैतिक मुद्दे हैं. Also Read - World Environment Day 2020 : पर्यावरण संरक्षण के लिए क्या करता है भारत और उसका पड़ोसी देश चीन, पढ़ें यहां

समुद्रों के प्लॉस्टिक से प्रदूषित होने पर चिंता जताते हुए एरिक सोल्हिम ने कहा कि प्लॉस्टिक प्रदूषण एक बड़ा पर्यावरणीय व स्वास्थ्य का मुद्दा है. Also Read - ‘प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देकर 50-60 अरब डॉलर का कार्बन क्रेडिट हासिल कर सकता है भारत’

सोल्हिम ने कहा, “जब बड़ा प्लॉस्टिक छोटे टुकड़ों में टूटता है तो यह समुद्र में मिल जाता है. छोटे प्लॉस्टिक के टुकड़ों को मछलियां खा लेती हैं. हम मछली खाते हैं और प्लॉस्टिक हमारे शरीर में चला जाता है. इसलिए प्लॉस्टिक प्रदूषण एक बड़ा पर्यावरण व स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा है.”

इस मौके पर हर्षवर्धन ने लोधी रोड स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में बिजली से चार्जिग की सुविधा की शुरुआत की. यह भारत में यूएन कार्यालय में इस तरह की पहली सुविधा है.