नई दिल्लीः पुलवामा में आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान की नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है. इस क्रम में केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने एक बार फिर कहा है कि अगर पाकिस्तानी इसी तरह से बर्ताव करेगा और आतंवकवाद का समर्थन करेगा तो फिर उनके साथ मानवता का व्यवहार करने का क्या मतलब है. गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपने डिपार्टमेंट्स से पाकिस्तान को दिए जाने वाले पानी को रोकने के लिए टेक्निकल रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. Also Read - विराट कोहली ने शुरू किया वर्कआउट; खोला अपनी फिटनेस का राज

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गडकरी ने हालांकि ये भी कहा कि वैसे तो पाकिस्तान को दिया जाने वाला पानी रोकने का मामला उनके विभाग का नहीं है. इस बारे में सरकार और पीएम के लेवल पर फैसला होगा. लेकिन उन्होंने अपने डिपार्टमेंट से कहा है कि पाकिस्तान को जो पानी दिया जा रहा है उसे कहां-कहां रोक सकते हैं, उसके बारे में टेक्निकल डिजाइन बनाकर तैयार करो. Also Read - पाकिस्तान में ट्रेन-बस की टक्कर में 19 सिख श्रद्धालुओं की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

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गडकरी ने बृहस्पतिवार को भी कहा था कि भारत ने सिंधु जल संधि के तहत नदियों से अपने हिस्से का पानी पाकिस्तान जाने से रोकने का फैसला किया है. गडकरी ने ट्वीट किया था, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने पाकिस्तान की ओर बहने वाले ‘हमारे हिस्से के पानी’ को रोकने का फैसला किया है. हम पूर्वी नदियों की धारा को बदल देंगे और उसे जम्मू कश्मीर तथा पंजाब में अपने लोगों तक पहुंचायेंगे.’’

पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने पर यह बात कही गई है. 14 फरवरी को हुए इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. भारत ने पाकिस्तान को दिए गये तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा भी कुछ ही दिन पहले वापस लेने का फैसला किया था. साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उसे अलग थलग करने की कूटनीतिक कोशिशें की जा रही हैं.

गडकरी के इस ट्वीट के बारे में जल संसाधन मंत्रालय की प्रभारी सूचना अधिकारी नीता प्रसाद ने इस मुद्दे पर पूछे जाने पर कहा, ‘‘सिंधु संधि के बारे में ट्वीट (गडकरी का), कोई नया फैसला नहीं है. मंत्रीजी ने सामान्य तौर पर वही बात दोहराई है जो हमेशा कहते आए हैं. वह सिंधु के जल का पाकिस्तान जाने वाले भारत का हिस्सा मोड़ने की बात कर रहे हैं- और वह हमेशा से यह कहते आए हैं.’’