चीन की ओर से बढ़ते खतरे को देखते हुए भारतीय सेना ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना राफेल विमानों का पहला बेस बंगाल में बनाने जा रही है। गौरतलब है कि राफेल विमान न्यूक्लियर हथियार ले जाने में भी सक्षम हैं। Also Read - सफल परीक्षण के बाद एंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रुद्रम' से लैस किया गया सुखोई-30 विमान, वीडियो देख हिल जाएगा दुश्मन

जानकारी के मुताबिक चीन को मद्देनजर रखते हुए हाल ही में असम के तेजपुर और चाबुआ एयरबेस पर भी फाइटर जेट सुखोई-30MKI को तैनात किया है। इसके अलावा अब वायुसेना बंगाल के हाशिमारा एयरबेस स्टेशन पर 18 राफेल विमानों की तैनाती करेगी। यह भी पढ़ें: भारत ने बनाया ऐसा हथियार जिसका नाम सुनकर ही घुटने टेक देंगे दुश्मन Also Read - Air Force Day 2020: आसमान में राफेल और तेजस की गरजन- हम किसी से कम नहीं

पहाड़ी इलाके को देखते हुए भारत ने राफेल में कुछ तकनीकी बदलाव भी कराए हैं ताकि ऊंचे इलाकों में तैनाती पर किसी तरह की दिक्कत ना हो। भारत की इस तैयारी को चीन के साथ संभावित खतरे से निपटने के तौर पर देखा जा रहा है। राफेल विमान बनाने वाली कंपनी के अधिकारियों ने हाल ही में हाशिमारा एयरबेस स्टेशन का दौरा भी किया था। Also Read - IAF DAY 2020: राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया दमखम, जैगुआर-चिनूक की गर्जना से गूंजा आसमान, देखें PHOTOS

हाल ही में अरुणाचल प्रदेश के टूटिंग में एक एडवांस लैंडिग ग्राउंड को भी शुरु किया गया है। साथ ही बंगाल के पानागढ़ एयरबेस पर 6 सुपर हरक्यूलिस C-130J विमान भी तैनात किए गए हैं।