राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर पहली बार वायुसेना के शहीद गरुड़ कमांडो जेपी निराला को अशोक चक्र से सम्मानित करेंगे. 18 नवंबर को जम्मू और कश्मीर के बंदीपोरा में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान निराला शहीद हुए थे. निराला गरुड़ कमांडो की उस टीम का हिस्सा थे जिसने कुख्यात आतंकी जकी उर रहमान लखवी के भतीजे ओसामा जंगी को मौत के घाट उठाया था. इस एनकाउंटर में 6 आतंकी मारे गए थे.

यह पहला मौका है जन भारतीय वायुसेना के किसी गरुड़ कमांडो को अशोक चक्र से नवाजा जाएगा. जेपी निराला शहीद होने से तीन महीने पहले ही आतंकरोधी अभियान के तहत स्पेशल ड्यूटी पर बांडीपोर में सेना के साथ तैनात हुए थे. श्रीनगर में इसी ऑपरेशन के दौरान सेना की तरफ से की गई कर्रवाई में आतंकी मसूद अजहर के भतीजे तल्हा रशीद को मारा गया था.

बता दें कि सुरक्षा बलों को जम्मू-कश्मीर के हाजिन इलाके में आतंकवादी होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने वहां घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया. तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों के तलाशी दल पर हमला किया. फिर क्या आतंकियों से मुकाबला करने लिए निराला ने अपने हाथ में गन ली और आतंकियों पर कहर बनकर टूट पड़े. उन्होंने तीन आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया. इस मुठभेड़ में वे भी शहीद हो गए.

शहीद निराला निराला बिहार के रोहतास जिले के बडीलाडीह गांव के रहने वाले थे. उन्होंने साल 2005 में वायु सेना ज्वाइन किया था. जेपी निराला के परिवार में उनके बाद उनकी बहने और माता-पिता हैं.