नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के तीन जवानों को वर्तमान में एहतियातन पृथकवास में भेजा गया हैं, क्योंकि उनमें से एक ने उस समय निजामुद्दीन क्षेत्र का दौरा किया था, जब पिछले महीने तबलीगी जमात का कार्यक्रम वहां चल रहा था. वायु सेना के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी. गौरतलब है कि मार्च के मध्य में दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया था, जिनमें बड़ी संख्या में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. Also Read - Corona Warriors: 50 साल की नर्स मुमताज बेगम किडनी की मरीज, हुआ था कोरोना, ठीक हो फिर काम पर लौटीं...

प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह जवान उसी समय के आसपास निजामुद्दीन इलाके में गया था, जब वहां जमात का कार्यक्रम चल रहा था. भारतीय वायु सेना इसकी जांच कर रही है कि वह जमात के कार्यक्रम में शामिल हुआ था या नहीं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह वायु सेना के दो अन्य कर्मियों के संपर्क में आया है. उनमें से किसी को अभी लक्षण नहीं हैं. तीनों अभी पृथकवास में हैं.’’ Also Read - बिहार चुनाव पर संजय राउत का सवाल, क्या अब कोरोना वायरस की महमारी समाप्त हो गई?

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच क्षमता बढ़ा दी गई है और अब प्रतिदिन 10,000 से अधिक जांच की जा रही हैं. मंत्रालय ने इस संकट से निपटने में ‘लॉकडाउन’ का पालन जारी रखने और सामाजिक मेल-जोल से दूर रहने के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने पर जोर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कम से कम 1,023 मामले पिछले महीने दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात के धार्मिक कार्यक्रम से संबद्ध पाए गए हैं. लेकिन तबलीगी जमात से जुड़े करीब 22,000 लोगों सहित उनके संपर्क में आए लोगों को विभिन्न प्राधिकारों के व्यापक प्रयासों से पृथक वास में रखा जा रहा है. Also Read - Covid 19 Update: देश में संक्रमितों की संख्या पहुंची 58 लाख के पार, 92 हजार से अधिक लोगों की मौत