लड़ाकू विमान उड़ाने वाली देश की प्रथम तीन महिला पायलट 18 जून को औपचारिक तौर पर भारतीय वायुसेना (आईएएफ) में शामिल हो जाएंगी। हैदराबाद के बाहरी इलाके में स्थित दुंदीगाल के वायुसेना अकादमी में एक संयुक्त स्नातक परेड के दौरान रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर खुद लड़ाकू विमानों की तीनों महिला पायलटों को भारतीय वायुसेना के विभिन्न शाखाओं के उनके फ्लाइट कैडेट्स के साथ औपचारिक तौर पर शामिल कराएंगे। Also Read - सफल परीक्षण के बाद एंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रुद्रम' से लैस किया गया सुखोई-30 विमान, वीडियो देख हिल जाएगा दुश्मन

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, “स्नातक परेड भारतीय वायुसेना के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि पहली तीनों महिला पायलट उड़ान शाखा की फाइटर स्ट्रीम में शामिल होंगी। मंत्री पासिंग-आउट परेड को देखेंगे और देश के राष्ट्रपति की ओर से 22 महिला प्रशिक्षुओं सहित विभिन्न शाखाओं के 129 स्नातक प्रशिक्षुओं को ‘प्रेसिडेंट्स कमिशन’ प्रदान करेंगे। पर्रिकर उड़ान प्रशिक्षण ग्रहण कर चुके फ्लाइंग ब्रांच, भारतीय नौसेना तथा तटरक्षक के नए कमिशंड अधिकारियों को ‘विंग्स एंड ब्रेवेट्स’ भेंट करेंगे। यह भी पढ़ें:भारतीय वायुसेना का गौरवशाली इतिहास Also Read - IAF DAY 2020: राफेल, सुखोई और तेजस ने दिखाया दमखम, जैगुआर-चिनूक की गर्जना से गूंजा आसमान, देखें PHOTOS

स्नातक के मौके पर वे अपने स्वागत में एक औपचारिक समारोह में हिस्सा लेंगे और स्नातक प्रशिक्षुओं तथा उनके माता-पिता से बातचीत करेंगे। इस समारोह के दौरान रक्षामंत्री उन कैडेटों को ट्रॉफी देंगे, जिन्होंने अपने क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। वायुसेना अकादमी में विभिन्न शाखाओं जैसे उड़ान, नौवहन, प्रशासन, लॉजिस्टिक, अकाउंट्स, शिक्षा तथा अंतरिक्ष विज्ञान के लिए प्री-कमिशनिंग ट्रेनिंग प्रत्येक साल जनवरी व जुलाई में शुरू होती है और संयुक्त स्नातक परेड के साथ क्रमश: दिसंबर तथा जून में उसका समापन होता है।