आज भारतीय वायुसेना को पहली बार एक ऐसा तोहफा मिलनेवाला है, जिसके बारे में सुनकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा उठ जाएगा। और ये दिन न सिर्फ भारतीय वायुसेना के लिए, बल्कि भारतीय महिलाओं के लिए ख़ास होने वाला है। भारतीय वायुसेना को पहली बार तीन ऐसी महिला अफ़सर मिलने वाली हैं, जो आज फाइटर पायलेट्स बननेवाली हैं। फ्लाइंग कैडेट भावना कंठ, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी को आज वायुसेना एकेडमी में कमीशन मिलने जा रहा है।

इस कमीशन के मिलने के बाद ये तीनों पायलेट्स एक साल के बाद फाइटर जेट्स उड़ाएगीं। इस मौके पर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल अरुप राहा भी वहां मौजूद रहेंगे। बता दें कि इससे पहले कोई भी महिला पाइलेट फाइटर प्लेन नहीं उड़ा पाई है। हालांकि वायुसेना में 1500 से ज्यादा महिलाएं हैं, जिसमें से सिर्फ करीब सौ ही परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उड़ाती हैं। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इन तीनों फ़ाइटर पायलट की ट्रेनिंग का एलान किया गया था। ये तीनों ही महिलाऐं इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हैं. जिनकी शुरूआती ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। इसके बाद इन तीनों को एक साल की एडवांस ट्रेनिंग कर्नाटक के बीदर में भेजा जाएगा। ये भी पढ़ें: मनोहर पार्रिकर का बयान, ISIS इंटरनेट के माध्यम को लोगों को जोड़ रहा है

इस बारे में बात करते हुए भावना कहती हैं कि मेरा बचपन का सपना था कि मैं लड़ाकू विमान की पायलट बनूं। जो अब पूरा होने जा रहा है। मैं मानती हूँ कि जहां चाह होती है, वहां राह होती है और महिला और पुरुष में कोई अंतर नहीं होता है। क्योंकि दोनों में क ही तरह की हुनर और क्षमता होती है। वहीं इस बारे में मोहना कहती है कि मैं तो ट्रांसपोर्ट विमान उड़ाना चाहती थी लेकिन मुझे प्रशिक्षण देनेवाले ऑफिसर ने मुझे लड़ाकू विमान के लिये प्रेरित किया। इन महिला पाइलेट्स में से तीसरी महिला अवनि का कहना है कि हर कोई उड़ान भरना चाहता है। जैसा सभी आसमान में उड़ रहे पंछी को देखकर उड़ने का सपना देखते हैं, वैसे ही मैं भी आवाज की स्पीड में उड़ने का अगर मुझे मौका मिल रहा है, तो यह एक सपना पूरे होने के जैसा ही है।