भारतीय वायुसेना आज अपना 83वां स्थापना दिवस मना रही है। कभी 3 लोगों के साथ सफर शुरू करने वाली भारतीय वायुसेना में आज करीब 2 लाख जवान कार्यरत हैं और आज भारतीय वायुसेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है। दुनिया भी भारतीय वायुसेना का लोहा मानती है और भारत ने आज तक जितने भी युद्ध लड़ें हैं, उसमे भारतीय वायुसेना ने अहम भूमिका निभाई है l Also Read - सफल परीक्षण के बाद एंटी-रेडिएशन मिसाइल 'रुद्रम' से लैस किया गया सुखोई-30 विमान, वीडियो देख हिल जाएगा दुश्मन

इंडियन एयरफोर्स की नीव 8 अक्टूबर 1932 को रखी गई थी। 1971 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच युद्ध में वायु सेना ने विशेष भूमिका निभाई थी। Also Read - Air Force Day 2020: आसमान में राफेल और तेजस की गरजन- हम किसी से कम नहीं

आइये जान लेते हैं भारतीय वायुसेना के बारे में कुछ ख़ास बातें: Also Read - खाड़ी के कई देशों में आतंकियों के खिलाफ युद्ध छेड़ चुका है Rafale, इतना बम बरसाया की सब धुआं-धुआं हो गया

चौथे नंबर की वायुसेना:
इंडियन एयरफोर्स दुनिया की चौथी नंबर की वायु सेना हैं। भारत से पहले केवल अमेरिका, रूस और चीन की एयरफ़ोर्स का नंबर आता हैं। एयरफोर्स की ताकत की बात करें तो भारत पाकिस्तान से दोगुना ज्यादा ताकतवर है। समय के साथ-साथ इंडियन एयरफोर्स और शक्तिशाली बन रही है।

1971 युद्ध में अहम् भूमिका:
1971 में भारत और पकिस्तान के बीच जंग छिड़ी थी। इस जंग में सेना के जवान तो पाकिस्तानी जवानो से दो-दो हाथ कर ही रहे थे मगर उस युद्ध में भारतीय वायुसेना ने भी विशेष भूमिका निभाई थी। उस समय तो भारतीय वायुसेना के पास रात में फ्लाई करने वाले एयरक्राफ्ट्स तक नहीं थे। बावजूद इसके वह बराबर टक्‍कर में रही थी। इसके अलावा चीन के साथ एक युद्ध में भी एयरफोर्स ने अपना योगदान दिया था।

ताकत:
भारतीय वायुसेना में कुल 1,27,000 सैनिक हैं। वायुसेना के पास 1962 एयरक्राफ्ट और 559 हेलिकॉप्टर है।

सुखोई एमकेआई-30:
भारतीय वायुसेना के पास सुखोई एमकेआई-30 बड़ी ताकतों में एक है।  इसे यूरोफाइटर टायफून, डसॉल्‍ट राफेल और अमेरिका के बेस्‍ट एफ सीरिज के फाइटर जेट्स की बराबरी मिली है। इस एयरक्राफ्ट मे अलग अलग तरह के बम तथा प्रक्षेपास्त्र ले जाने के लिये १२ स्थान है। यह विमान हवा में ईन्धन भर सकता है। इसमें ३००० किमी की दूरी तक जा कर हमला करने की क्षमता है।

बोईंग सी-17:
बोईंग सी-17 भारतीय वायुसेना को पहला भारी सैन्य साजो सामान ले जाने में सक्षम रणनीतिक परिवहन विमान है। यह विमान 70 टन का माल लेकर उड़ान भर सकता है। इसी विमान में वायुसेना ने यमन में फसें लोगो को भारत लाया गया था।

तेजस:
तेजस भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान है। इसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स ने बनाया है जिसे इसी साल एयरफोर्स में शामिल किया गया।