नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा ईरान के उच्च सेना के कमांडर की हत्या के बाद मामला गरमा गया है. इसी कड़ी में आज ईरान ने इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलेस्टिक मिसाइल्स से हमला किया. इसके कुछ घंटे पहले ही यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन का विमान ईरान में तेहरान के निकट दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. विमान में लगभग 170 यात्री सवार थे. इस दुर्घटना में सभी की मौत की पुष्टि हो चुकी है. ईरान-अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव का असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों को खाड़ी देशों में जाने से बचने की सलाह दी है. इससे पहले, अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (एफएए) अमेरिका में पंजीकृत विमानों के इराक, ईरान और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने पर प्रतिबंध लगा चुका है. Also Read - ईरान के नातान्ज परमाणु इकाई में क्‍या हुआ? इसे ईरानी न्‍यूक्‍लीयर चीफ ने ‘परमाणु आतंकवाद’ करार दिया

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) ने कहा कि हमने संबंधित एयरलाइनों के साथ बैठक की है. हमने उन्हें खाड़ी देशों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. एक सरकारी सूत्र ने बताया कि ईरान-इराक में बढ़ते तनाव को लेकर भारत सरकार ने सभी एयरलाइन कंपनियों को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि ईरान-इराक के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से बचें.

बता दें कि बीते दिनों अमेरिका ने ड्रोन हमले में ईरान के टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या कर दी थी. हालांकि अमेरिका का तर्क था कि सुलेमानी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं लेकिन ईरान का मत है कि वह ईरान की रेवोल्युशनरी फोर्स के टॉप कमांडर हैं. बता दें कि इस मामले पर संयुक्त राष्ट्र से भी प्रतिक्रिया आई है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं का उल्लंघन कर इराक की जमीन पर ईरान के सेना अधिकारी को मार गिराया है. यह सरासर गलत है. बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच लगातार बढ़ रहे तनाव की वजह से तेल के दामों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.