नई दिल्ली: भारत और चीन की सेनाओं ने मंगलवार को सिक्किम के नाथू ला में बैठक की और नववर्ष के मौके पर एक दूसरे को बधाई दी. सेना की पूर्वी कमान ने एक ट्वीट में कहा कि भारतीय सेना और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच आपसी विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए उन्होंने एक जनवरी को नाथू ला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया. उन्होंने एक-दूसरे को बधाई और शुभकामनाएं दी. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल स्तर के अधिकारियों ने किया.

2017 में दोनों देशों के बीच डोकलाम में गतिरोध हुआ था
बता दें कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2017 में डोकलाम में गतिरोध पैदा हुआ था. पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी-टीडब्ल्यूडी और चुशूल-मोलदो में भी दोनों देशों के सैनिकों ने नववर्ष मनाया.

भारत व चीन के सैनिकों ने बुमला में मिल कर मनाया नववर्ष
वहीं, भारत और चीन के सैनिकों ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले के बुमला में संयुक्त रूप से नववर्ष मनाया. यह स्थान समुद्र तल से 15 हजार फुट ऊंचा है और पहाड़ बर्फ से ढंके हुए हैं. यहां का तापमान शून्य से भी नीचे है. एक रक्षा विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक दूसरे को गर्मजोशी से बधाई दी. उन्होंने दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों के अनुरूप वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई.

बीपीएम मुद्दों को हल करने के लिए महत्वपूर्ण मंच
समारोह का आयोजन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा और कर्नल हू तांग शेंग के नेतृत्व में बुमला के चीनी क्षेत्र में किया गया था. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल प्रसेनजित करंद ने किया. बुमला, तवांग से करीब 32 किलोमीटर दूर है. यह संवेदनशील सीमा की रक्षा करने वाले भारतीय और चीनी सैनिकों के लिए पांच ‘बॉर्डर पर्सनेल मीटिंग’ (बीपीएम) स्थानों में से एक है. पिछले 28 वर्षों में, बीपीएम स्थानीय मुद्दों को हल करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में विकसित हुआ है और क्षेत्र में शांति बढ़ाने के लिए आपसी विश्वास को बढ़ावा देता है.