लेह: सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे मंगलवार यानी आज से दो दिन के लिए लद्दाख के दौरे पर हैं. वे इस दौरान वह चीनी सेना के साथ छह सप्ताह से जारी गतिरोध पर वहां मौजूद सैन्य कमांडरों के साथ चर्चा करेंगे और पर्वतीय क्षेत्र में भारत की संपूर्ण सैन्य तैयारी का जायजा लेंगे. लद्दाख पहुंचकर सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने मिलिट्री हॉस्पिटल में बहादुर सैनिकों से मुलाकात की है. बता दें कि मिलिट्री अस्‍पताल में वे जवान भर्ती हैं जो 15-16 जून को गलवाान घाटी में चीनी सैनिकों से लोहा लेते घायल हुए थे. Also Read - भारत-चीन सीमा विवाद सुलझाने की एक और सैन्य कोशिश, कोर कमांडर स्तर की मीटिंग शुरू

खबरों के मुताबिक आर्मी चीफ ने इन बहादुर जवानों से बातचीत की और उनकी बहादुरी के लिए जवानों की पीठ भी थपथपाई. सेना प्रमुख ने उनका हाल जाना और उनके जल्‍द ठीक होने की कामना की. यही नहीं उन्होंने इन सैनिकों से उस रात हुए घटनाक्रम के बारे में भी जानकारी ली. Also Read - मन की बात में PM मोदी ने साधा चीन पर निशाना, बोले- 'भारत की तरफ आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला'

बता दें कि पिछले सप्ताह वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने लद्दाख और श्रीनगर वायु सैनिक अड्डों का दौरा किया था और क्षेत्र में किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए भारतीय वायु सेना की तैयारियों का जायजा लिया था. अब उच्च सैन्य कमांडरों के दो दिवसीय सम्मेलन के अंतिम सत्र में शामिल होने के तुरंत बाद जनरल नरवणे लेह पहुंचे हैं. Also Read - जम्‍मू-कश्‍मीर में नार्को- आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 65 करोड़ रुपए के नशीले ड्रग्‍स और हथियार बरामद

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सेना प्रमुख ने जवानों से कहा कि आपने बढ़िया काम किया, लेकिन अभी काम पूरा नहीं हुआ है. बता दें कि लेह में जनरल नरवणे, चीन से लगी संवेदनशील सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली 14वीं कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह से बातचीत करेंगे. सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने चीन के साथ तनाव काम करने के लिए तिब्बत सैन्य जिले के कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन के साथ 11 घंटे बैठक की थी.

वार्ता के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों ने कहा कि बैठक में भारतीय पक्ष ने चीनी सैनिकों द्वारा गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों पर किए गए “पूर्वनियोजित” हमले के संबंध में कड़ा विरोध जताया और पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के प्रत्येक बिंदु से चीनी सैनिकों के तत्काल पीछे हटने की मांग की.