भारतीय सेना ने अमेरिका में बने स्ट्राइकर को खरीदने से मना किया, इस देसी बख्तरबंद वाहन को शामिल करेगी आर्मी

Written By: Shivendra Rai Updated by: Shivendra Rai
Updated Date:April 17, 2026 12:36 PM IST

भारतीय सेना को ऐसे बख्तरबंद वाहन चाहिए जो पानी में भी आसानी से चल सकें. अमेरिका में बना स्ट्राइकर इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता.

Indian Army infantry combat vehicle: भारतीय सेना ने आखिरकार अमेरिकी स्ट्राइकर बख्तरबंद वाहन से किनारा कर लिया है. इसे खरीदने को लेकर चल रही बातचीत बंद की जा चुकी है. इंडियन आर्मी ने कई परीक्षणों के बाद पाया कि ये अमेरिका कॉम्बैट व्हीकल भारत के मुश्किल इलाकों में सेना की जरूरतों को पूरा करने के काबिल नहीं है. अब सेना देश में ही बने व्हील्ड इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल की ओर रुख कर रही है.

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क्यों सेना ने खारिज किया स्ट्राइकर?

भारतीय सेना दुनिया के सबसे दुर्गम इलाकों में ऑपरेट करती है. रक्षा वेबसाइट डिफेंस डॉट इन के अनुसार, भारतीय सेना को ऐसे बख्तरबंद वाहन चाहिए जो पानी में भी आसानी से चल सकें. अमेरिका में बना स्ट्राइकर इस कसौटी पर खरा नहीं उतरता. सशस्त्र बलों को नहरों और नदियों जैसे जल-स्रोतों को बिना किसी बाहरी मदद के खुद ही पार करने वाले वाहन की जरूरत थी जिसके परीक्षण में स्ट्राइकर फेल हो गया.

कौन सा बख्तरबंद वाहन खरीदेगी सेना?

भविष्य की व्हील्ड इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल (ICV) फ्लीट की जरूरतों को पूरा करने के लिए सेना पूरी तरह से घरेलू विकल्पों की ओर देख रही है. सेना की नजर पूरी तरह से भारत में बने व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) पर है जिसे टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मिलकर बनाया है. ये वाहन पहले से ही पानी में चलने की क्षमता से लैस है. व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म एम्फीबियस पैमानों पर खरा उतरता है.

क्या है WhAP की खासित?

व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म (WhAP) में पीछे की तरफ हाइड्रो-जेट लगे हुए हैं. इनकी मदद से यह यह पानी में आने वाली रुकावटों के बावजूद 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकता है. इसके अलावा, पूर्वी लद्दाख सीमा पर ऊंचाई वाले इलाकों में किए गए परफॉर्मेंस टेस्ट में भी WhAP ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है.

भारत में बना WhAP हिमालय की खड़ी चढ़ाइयों और कम हवा वाले माहौल में भी आसानी से काम करता है. अगर अमेरिकी स्ट्राइकर से इसकी तुलना करें तो, स्ट्राइकर में 350-हॉर्सपावर वाला Caterpillar इंजन लगा है. जबकि, व्हील्ड आर्मर्ड प्लेटफॉर्म में 600-हॉर्सपावर वाला ताकतवर Cummins ISX डीजल इंजन लगा है. यह इंजन खड़ी चढ़ाइयों और चट्टानों से भरे इलाकों में Stryker से कहीं बेहतर प्रदर्शन करता है.

WhAP 8x8 को बनाने वाले टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के अनुसार, यह बख्तरबंद वाहन भारत का पहला एम्फीबियस इन्फ़ेंट्री कॉम्बैट व्हीकल है. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स ने इस प्रोडक्ट को दुनिया भर के कुछ बेहतरीन कॉम्बैट व्हीकल को बेंचमार्क बनाकर तैयार किया है. इस लड़ाकू वाहन को अलग-अलग मिशनों और ऑपरेटिंग स्थितियों के हिसाब से आसानी से ढाला भी जा सकता है.

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