India China Faceoff: भारतीय सेना ने उस चीनी सैनिक को लौटा दिया है जो भटकते हुए पूर्वी लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में आ गया था. मंगलवार देर रात भारतीय सेना ने लद्दाख इलाके में पकड़े गए चीनी सैनिक को चीन को वापस कर दिया. वांग या लोंग नाम के इस चीनी सैनिक को चुशूल मोलडो मीटिंग पॉइंट पर चीन को सौंपा गया. न्यूज एजेंसी ANI ने सेना के हवाले से यह जानकारी दी है. Also Read - J&K Latest News: जम्‍मू-कश्‍मीर के पुंछ में पाकिस्‍तान की फायरिंग में JCO शहीद

बता दें कि LAC पर जारी तनातनी (India China Standoff) के बीच भारत ने सोमवार को उस चीनी सैनिक को पकड़ा था. इसके बाद चीन ने उम्मीद जताई थी कि पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना द्वारा पकड़े गए उसके भटके हुए सैनिक को जल्द छोड़ दिया जाएगा.

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सैनिक को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में सोमवार को उस समय पकड़ लिया गया था जब वह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर ‘भटक कर’ भारतीय क्षेत्र में आ गया था. यह घटना ऐसे समय हुई थी जब सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों ने क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रखी है. भारतीय सेना ने सोमवार को एक बयान में कहा था कि चीनी सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लान्ग के रूप में की गई है और सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चुसुल-मोल्डो सीमा चौकी पर उसे चीनी सेना को सौंप जाएगा.

पीएलए के ‘वेस्टर्न थिएटर कमांड’ के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल झांग शुइली ने सोमवार रात एक बयान में कहा था, ‘चीन को उम्मीद है कि 18 अक्टूबर की शाम स्थानीय चरवाहों के अनुरोध पर एक याक को वापस लाने में मदद करने के दौरान चीन-भारत सीमा इलाके में भटक गए चीनी सैनिक को भारत जल्द वापस कर देगा.’ उन्होंने कहा, ‘पीएलए सीमा सैनिकों ने घटना के बाद भारतीय सेना को सूचित किया और उम्मीद की कि भारतीय पक्ष खोज एवं बचाव अभियान में सहायता करेगा एवं भारतीय पक्ष ने मदद करने और मिलने पर लापता सैनिक को समय पर वापस करने का वादा किया.’

कर्नल झांग ने कहा कि भारत की ओर से मिली ताजा जानकारी के अनुसार भटक गया चीनी सैनिक मिल गया है और उसे चिकित्सकीय जांच के बाद चीन के हवाले किया जाएगा. झांग ने कहा, ‘हम आशा करते हैं कि भारतीय सेना जल्द से जल्द लापता चीनी सैनिक को सौंपने के अपने वादे पर खरी उतरेगी और वरिष्ठ कमांडरों की सातवें दौर की बैठक में दोनों पक्षों में हुई सहमति का पालन करेगी ताकि सीमावर्ती क्षेत्र में शांति बनी रहे.’

(इनपुट: ANI, भाषा)