Nagaland Civilian Killings: नागालैंड में शनिवार को सुरक्षा बलों की फायरिंग में आम लोगों के मारे जाने के बाद एक तरफ राजनीति जोरों पर है, तो दूसरी तरफ भारतीय सेना (Indian Army) ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (Court of Inquiry) की घोषणा कर दी है. सेना ने सोमवार को एक मेजर जनरल रैंक के अधिकारी की देखरेख में कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की घोषणा की है. उत्तर-पूर्वी राज्यों में तैनात मेजर-जनरल रैंक के इस घटना की जांच करेगा. बता दें कि शनिवार रात नागालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों की फायरिंग में 14 लोगों के मारे जाने की घटना के बाद बवाल मच गया था. ग्रामीणों में गुस्से में सुरक्षाबलों की गाड़ी आग के हवाले कर दिया था. दरअसल सुरक्षाबलों को यहां आंतकी संगठन NSCN (KY) के मूवमेंट की खबर मिली थी, जिसके बाद सेना की एक स्पेशल यूनिट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया था. लेकिन यहां आतंकवादियों (Terrorists) की जगह आम लोग थे, यानी सेना को गलत जानकारी मिली थी.Also Read - चीनी सेना PLA ने इंडियन आर्मी को सौंपा अरुणाचल प्रदेश के 19 साल के लड़के को: केंद्रीय मंत्री रिजिजू का ट्वीट

सूत्रों के अनुसार सेना ने यहां से गुजर रहे एक वाहन पर जोरदार फायरिंग की. सेना की फायरिंग में 6 लोगों की मौत हो गई, इसके बाद जब वाहन में मौजूद लोगों ने स्वयं को बचाने की कोशिश की तो सेना की जबरदस्त फायरिंग से सात-आठ और लोगों की मौत हो गई. सेना ने फायरिंग में मारे गए आम लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया है. सेना की यह कार्रवाई आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन सूचना में गड़बड़ी के चलते आम नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी. सेना ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया था और अब कोर्ट ऑफ इंक्वायरी घोषित भी कर दी है. Also Read - Indian Army, असम राइफल्स के पांच जवान मरणोप्रांत और एक सेवारत जवान शौर्य चक्र से सम्मानित

नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने भी रविवार को आम नागरिकों की इस हत्या के संबंध में उच्च स्तरीय जांच बिठा दी थी. इस घटना के एक दिन बाद किसी भी तरह की अफवाह को रोकने के लिए राज्य सरकार ने मोन जिले के उस क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट, डाटा सर्विस और बल्क मैसेज पर रोक लगा दी थी. Also Read - Republic Day 2022: टाइमिंग से लेकर मोटरसाइकिल के हैरतअंगेज फॉर्मेशन तक, जानें इस बार की परेड में क्या कुछ होगा खास

बता दें कि नागालैंड सरकार ने रविवार को मोन जिले में मारे गए 14 लोगों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का एलान किया है. साथ ही सरकार ने घटना की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) स्तर के एक अधिकारी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की भी घोषणा की है.

(इनपुट – एजेंसियां)