नई दिल्ली: साल 2017 में डोकलाम में पैदा हुए गतिरोध के बाद भारत और चीन ने भले ही वहां अपने सैनिकों की तैनाती कम कर दी है, लेकिन भारतीय सेना इस क्षेत्र में चीनी गतिविधियों की निगरानी कर रही है और किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है. यह बात रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट में कही गई है.

मंत्रालय ने 2018-19 के लिये अपनी वार्षिक रिपोर्ट में यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने नियंत्रण वाले भूभाग से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादियों और आतंकी समूहों का समर्थन रोकने के लिए ‘भरोसेमंद और अपरिवर्तनीय’ कदम उठाने चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘मजबूत और निर्णायक’ कदम उठाना जारी रखेगा. डोकलाम में 72 दिनों तक चले गतिरोध के बाद 28 अगस्त 2017 को सैनिकों को वापस बुलाने के पश्चात भारतीय और चीनी सैनिकों को अपने-अपने संबंधित मोर्चे से दूरी पर फिर से तैनात किया गया.

इस साल, चीनी अतिलंघन में काफी कमी आई है. इसी तरह दोनों देशों के सैनिकों के बीच टकराव में भी कमी आई है. रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘हालांकि, भारतीय सेना क्षेत्र में चीनी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और किसी भी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है.’’ इसमें कहा गया है कि भारत-चीन सीमा पर स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा पर कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर अलग-अलग धारणाएं हैं. दोनों पक्ष एलएसी की अपनी संबंधित धारणाओं के अनुसार गश्त करते हैं.