Indian Army:सेना की नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है. सेना अपने रैंक में अग्निवीरों की संख्या को दोगुना करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. अभी सेना हर साल लगभग 50 हजार अग्निवीरों की भर्ती करती है, जिसे अब एक लाख करने पर विचार किया जा रहा है.
एचटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बुधवार को बताया, इस कदम का मकसद PBOR (ऑफिसर रैंक से नीचे के कर्मचारी) कैडर में सैनिकों की कमी को दूर करना है.
180,000 सैनिकों की कमी
अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सेना में लगभग 180,000 सैनिकों की कमी है, जिसका मुख्य कारण कोविड के साल 2020-21 के दौरान पुरानी भर्ती पर रोक है. हालांकि तब भर्ती रोक दी गई थी, लेकिन उस दौरान हर साल लगभग 60,000 सैनिक रिटायर हो गए.
कम उम्र के सैनिकों का कमाल
मुश्किल से 20 साल के और पिछले दो सालों में भर्ती हुए 3,000 से ज़्यादा अग्निवीरों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक्टिवेट हुए सेना के मजबूत एयर डिफेंस (AD) शील्ड के लिए ज़रूरी ज़रूरी हथियारों और सिस्टम को चलाया था.
अग्निपथ रिक्रूटमेंट मॉडल
अग्निपथ रिक्रूटमेंट मॉडल तीन साल पहले शुरू किया गया था, जिसका मकसद आर्म्ड फोर्सेज को जवान और लड़ाई के लिए तैयार रखना था. अग्निपथ मॉडल के तहत भर्ती होने वालों को अग्निवीर कहा जाता है. अग्निपथ मिलिट्री के दशकों पुराने रिक्रूटमेंट सिस्टम से एक बड़ा बदलाव था, जिसे जून 2022 में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) सरकार के नई स्कीम अनाउंस करने पर खत्म कर दिया गया था. यह मॉडल सिर्फ़ चार साल के लिए सैनिकों की भर्ती करता है, जिसमें 25% को अगले 15 साल तक रेगुलर सर्विस में बनाए रखने का प्रोविज़न है.
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