नई दिल्ली: पाकिस्तान के खिलाफ हुए 1971 के जंग और फिर बांग्लादेश के विभाजन को विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस युद्ध में भारतीय सेना, पाकिस्तानी सेना और बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी ने युद्ध लड़ा था. 16 दिसंबर को विजय दिवस के मनाया जाता है. खबरों के अनुसार, विजय दिवस की 48वीं वर्षगांठ पर भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय ने कुछ खास प्लान कर रखा है. भारतीय सेना बांग्लादेश के 30 स्वतंत्रता सेनानियों के लिए एक रिसेप्शन का आयोजन करेगी.

मेजर जनरल एनडी प्रसाद ने 7 दिसंबर को फोर्ट विलियम में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का खुलासा किया. बता दें कि एनडी प्रसाद पूर्वी कमान मुख्यालय में जनरल स्टाफ के मेजर जनरल हैं. बता दें कि 16 दिसंबर के ही दिन पूर्वी पाकिस्तान यानी बांग्लादेश में पाकिस्तानी सेना द्वारा 30 लाख से अधिक लोगों को मार डाला गया था. दूसरे विश्वयुद्ध में हुए नरसंहार के बाद इस नरसंहार को दूसरे स्थान पर माना जाता है.

16 दिसंबर को भारत में ‘विजय दिवस’ मनाया जाता है. इस युद्ध में भारतीय सेना ने बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई लड़ रहे मुक्ति वाहिनी की मदद की थी. इस दौरान बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच भारत खड़ा था. इस युद्ध में पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना के कई ठिकानों पर हमला किया जिसके जवाब में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान बांग्लादेश की राजधानी ढाका तक पहुंच गए. इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना 94 हजार सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया था. यही वजह है कि विजय दिवस को भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है. बता दें कि 13 और 14 दिसंबर को हुगली नदी के तट पर प्रिंस घाट में सैन्य बैंड संगीत कार्यक्रमों के साथ दुर्लभ तस्वीरों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी.