नई दिल्ली: भारत ने पाकिस्तान के सामने नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान नागरिकों को निशाना बनाये जाने का मुद्दा उठाया है. अगस्त में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने के बाद से इस प्रकार की घटनाएं बढ़ी हैं. सैन्य सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

 

सूत्रों के मुताबिक सेना ने एक अक्टूबर को सैन्य संचालन महानिदेशक और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच हुई कामकाजी स्तर की वार्ता के दौरान यह मुद्दा उठाया. एक अधिकारी ने बताया कि पिछले महीने सेना ने पुंछ जिले में गोलाबारी के दौरान स्कूली विद्यार्थियों को बचाया था. सूत्रों के अनुसार जुलाई में संघर्षविराम उल्लंघन के 296, अगस्त में 307 और सितंबर में 292 मामले हुए. सितंबर में मोर्टार और भारी हथियारों के इस्तेमाल के 61 मामले भी रिकार्ड किये गये. पिछले साल जुलाई में सेना ने संघर्षविराम उल्लंघन के 13, अगस्त में 44 और सितंबर में 102 मामले दर्ज किये थे.

सितंबर में संघर्ष विराम उल्लंघन के 101 मामले सामने आये
वर्ष 2017 में जुलाई में संघर्ष विराम उल्लंघन के 68, अगस्त में 108 और सितंबर में 101 मामले सामने आये थे. पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किये जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बहुत तनाव आ गया है.