
Subhash Yadav
Subhash Yadav is senior journalist covering news for india.com Hindi. He follows crime but also writes stories on various topics. You can follow him on Twitter @subhash168 ... और पढ़ें
फोटो क्रेडिट-न्यूज़ 24
भारतीय सेना की कायल पूरी दुनिया है। यही कारण है कि सेना के जांबाजो की कहानी लोगो के जुबान पर आज भी जिंदा है। कारगिल में किये गए भारतीय सेना की बहादुरी को भला कौन भूल सकता है। इसी के चलते भारतीय सेना के जांबाजो को लोग बुलाते है और उनसे बहुत कुछ सीखते है।
ताजा मामले में भी अमेरिकी सैनिकों के साथ सालाना साझा युद्धाभ्यास में भारतीय जवानों के प्रदर्शन ने अमेरिकी सैन्य नेतृत्व को बहुत प्रभावित किया है। खास तौर पर ‘अधिकतम संयम, न्यूनतम बल’ के सिद्धांत ने। यह भी पढ़े-भारतीय, पाकिस्तानी सीमा बलों की वार्ता उम्मीद के साथ समाप्त
बता दे कि 11वें साझा अभ्यास में अमेरिकी सैनिकों ने अधिकतम संयम और न्यूनतम बल का मंत्र सीखा। वो मंत्र जिसको भारतीय सेना कामयाबी के साथ जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान इस्तेमाल करती आ रही है। भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर हमेशा पाकिस्तान के नापाक इरादो को नाकाम करती आयी है। बावजूद इसके पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है। गौर हो कि भारत और अमेरिका के बीच सालाना युद्धाभ्यास 2004 से चलता आ रहा है। एक सवाल के जवाब में क्लिसनर ने भारतीय सेना को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक बताया। यह भी पढ़े-अमेरिका में भारतवंशी विद्यार्थियों ने इनक्यूबेटर स्थापित किया
23वीं इन्फैन्ट्री रेज़ीमेंट के लेफ्टीनेंट जनरल टेडी क्लिसनर के मुताबिक अमेरिकी जवानों ने घुसपैठ विरोधी सुरक्षा बाड़ के बारे में भी सीखा। जिसका भारत सरहद पर इस्तेमाल करता है। वाशिंगटन स्टेट के ज्वाइंट बेस लेविस मैक्कॉर्ड में हो रहे साझा अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से ब्रिगेडियर गुलजीत सिंह जामवाल की अगुआई में 150 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल क्लिसनर ने सवाल किया कि सरहद पर भारतीय जवान ऐसी रणनीति कैसे अपनाते हैं जिससे कि उनके नेतृ्त्व को घुसपैठ पर जवाबी कार्रवाई के लिए निर्णय लेने के लिए वक्त मिल जाता है। भारतीय सेना के इस कारनामे की चर्चा खूब हो रही है.सोशल मीडिया पर भारतीय सेना को लोग सलाम कर रहे है।
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