चाइनीज आंखों पर सरकार ने 'बांधी पट्टी', भारत में अब CCTV नहीं बेच सकेंगी ये चीनी कंपनियां

Chinese CCTV companies no longer operational: भारत सरकार 1 अप्रैल से सिक्योरिटी और प्राइवेसी रिजन के चलते हिकविजन और दहुआ जैसी चीनी कंपनियों के CCTV कैमरें पर बैन लगाया है. सरकार को ये कठोर फैसला, नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड का पालन नहीं किए जाने की वजह से लेना पड़ा.

Published date india.com Published: March 30, 2026 2:56 PM IST
Chinese cctv companies banned
ये चीनी कंपनियां भारत में नहीं बेच सकेंगी CCTV?

These Chinese CCTV Companies banned: क्या आपके घर या ऑफिस की निगरानी करने वाला CCTV कैमरा कहीं आपकी ही जासूसी तो नहीं कर रहा? CCTV कैमरे को और भरोसेमंद बनाने के लिए भारत सरकार ने सख्त फैसला लिया है. भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए कई चीनी टेक कंपनियां, जैसे हिकविजन और दहुआ, को बैन करने का फैसला लिया है. आइये जानते हैं कि आखिर भारत सरकार को क्यों ये कदम उठाना पड़ा और ये नियम कब से लागू होंगे? आइए जानते हैं…

इन चीनी CCTV कंपनियों के लिए इंडियन मार्केट बंद

भारत सरकार 1 अप्रैल से हिकविजन (Hikvision), दहुआ (Dahua) और टीपी-लिंक (TP-Link) जैसी चीनी कंपनियों के इंटरनेट-कनेक्टेड CCTV कैमरों की बिक्री पर रोक लगाने जा रही है. अब किसी भी कंपनी को CCTV कैमरा बेचने से पहले नए STQC (Standardisation Testing and Quality Certification) के तहत मंजूरी लेनी पड़ेगी. रिपोर्टों की मानें तो, सरकार इन चीनी कंपनियों में लगे चिपसेट को सर्टिफिकेट देने से इनकार कर रही है, जिसके चलते ये कंपनिया जल्द ही भारतीय मार्केट से बाहर होंगी.

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केंद्र सरकार ने क्यों लिया यह कठोर फैसला?

बता दें कि सरकार के इस फैसले के पीछे की वजह डेटा सिक्योरिटी और प्राइवेसी है. बता दें कि इंटरनेट से जुड़े CCTV कैमरों को रिमोटली एक्सेस किया जा सकता है, जिससे डेटा चोरी होने का खतरा बना रहता है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बताया कि कई चीनी डिवाइस में ऐसी खामियां हो सकती हैं जिनका इस्तेमाल जासूसी के लिए किया जा सकता है. इसी वजह से सरकार ने सिक्योरिटी स्टैंडर्ड को और मजबूत किए हैं.

कब से और कैसे लागू होंगे ये नए नियम?

बता दें कि सरकार ने नए सिक्योरिटी स्टैंडर्ड के अनुरूप कंपनियों को अपने डिवाइस में बदलाव करने के लिए दो साल का समय दिया था, जो कि अब समाप्त हो होने जा रहा है. इसके अलावा, 1 अप्रैल से किसी भी CCTV ब्रांड को अपने कैमरे पर ओरिजिन कंट्री का नाम और सिक्योरिटी फीचर बताना भी अनिवार्य होगा.

इंडियन ब्रांड्स के लिए बड़ा मौका

पिछले साल तक भारतीय CCTV मार्केट के लगभग एक तिहाई हिस्से पर चीनी कंपनियों का कब्जा था, लेकिन इन कंपनियों को सिक्योरिटी स्टैंडर्ड फॉलो नहीं करने की वजह से भारतीय ब्रांड्स को अपने मार्केट में पांव पसारने का बड़ा मौका मिलेगा. वहीं, CCTV मार्केट में अब भारतीय ब्रांड्स जैसे CP Plus, Qubo, Prama, Matrix और Sparsh के बढ़त बनाने की उम्मीद है. बता दें कि ये स्वदेशी कंपनियां, चाइनीज की जगह ताइवानी चिपसेट का इस्तेमाल कर रही हैं.

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