जब भी प्लेन टेक ऑफ करता है तो फोन को बंद या फिर फ्लाइट मोड पर कर लेने की सलाह दी जाती है। फिलहाल हवाई जहाज के भीतर फोन और इंटरनेट के इस्तेमाल की मनाही है लेकिन आने वाले दिनों में सरकार हवाई जहाज में वाई-फाई की सुविधा दे सकती है। सिविल एविएशन सेक्रेटरी आर एन चौबे ने बताया कि ये अच्छी खबर अगले 10 दिन में दे देंगे। हवाई जहाजों में वाई फाई देने पर सुरक्षा के मुद्दे पर चौबे ने बताया कि इससे वॉइस और डाटा पर नजर रखी जा सकेगी। जरूरी हुआ तो एजेंसियां इसे ट्रैक भी कर सकेंगी।

उन्होंने कहा कि इस समय यात्रियों को भारतीय वायु क्षेत्र में उड़ान भरने के दौरान मोबाइल फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है। इस सवाल पर कि क्या कॉल की भी अनुमति दी जाएगी, चौबे ने कहा कि यदि डाटा को अनुमति दी जाती है तो कॉल करना भी संभव होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमें ऐसा होने की भी उम्मीद है’। चौबे ने कहा अगर फ्लाइट में फोन करने की सुविधा भी मिलती है तो इसका पूरा क्रेडिट डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम को दिया जाएगा।

आखिर क्यों करते हैं फ्लाइट्स में फोन बंद?
जमीन पर तो दूरी और रास्ता बताने के लिए बोर्ड और होर्डिंग्स लगे होते हैं लेकिन आसमान में ऐसा कुछ नहीं होता। हवाई जहाज का सफर पूरी तरह से एयर ट्रैफिक कंट्रोल और रडार द्वारा भेजे गए सिग्नल और निर्देशों पर निर्भर रहता है। ऐसे में मोबाइल नेटवर्क की वजह से इलेक्ट्रानिक सिस्टम बाधित होने की संभावना रहती है।