Oxygen Crisis In India: भारत में अनेक अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में पिछले 24 घंटे में 25 मरीजों की मौत तथा देश में महामारी से लगातार दूसरे दिन तीन लाख से अधिक नए मामलों की खबरों के बीच भारतीय वायुसेना ने ‘प्राणवायु’ के खाली कंटेनरों को देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों तक पहुंचाया. वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सीय ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए उद्योग की पूर्ण क्षमता के इस्तेमाल का आह्वान किया और कहा कि प्राणवायु लेकर आनेवाले टैंकरों के परिवहन का समय कम करने के लिए रेलवे और वायुसेना को तैनात किया जा रहा है.Also Read - टोक्यो में PM मोदी का भव्य स्वागत, भारतीयों ने लगाए मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे | Watch Video

ऑक्सीजन टैंकरों और कंटेनरों के अतिरिक्त वायुसेना ने कोच्चि, मुंबई, विशाखापत्तनम तथा बेंगलुरु से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी विभिन्न अस्पतालों के लिए दिल्ली पहुंचाया. वायुसेना ने इसके साथ ही कोविड अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाएं और उपकरण भी पहुंचाए. भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है और कई राज्यों में अस्पताल चिकित्सीय ऑक्सीजन तथा बिस्तरों की संख्या में कमी का सामना कर रहे हैं. Also Read - Quad Summit 2022: 40 घंटे में 23 मीटिंगों का हिस्सा बनेंगे पीएम मोदी, दौरे में इन सब मुद्दों पर होगी बैठकें

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने अपने परिवहन विमानों- सी-17, सी-130Jजे आईएल-76, एएन-32 और एव्रो को तैनात किया है और चिनूक तथा एमआई-17 हेलीकॉप्टरों को तैनात रखा है. वहीं, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि तथा ऑक्सीजन की कमी के संकट के बीच विश्व नेताओं ने भी भारत की मदद की पेशकश की. फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की तथा स्थिति से निपटने में सहयोग प्रदान करने की पेशकश की . Also Read - Assam Flood: सात लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित, जून तक इन ट्रेनों को किया गया रद्द

फ्रांस भारत के साथ

मैक्रों ने कहा, ‘‘ कोविड-19 संबंधी स्थिति बिगड़ने के बीच, मैं भारत के लोगों के साथ एकजुटता का संदेश देना चाहता हूं. इस संघर्ष में फ्रांस आपके साथ है. इस संकट ने किसी को नहीं छोड़ा. हम सहयोग प्रदान करने के लिये तैयार हैं.’’ वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ आठ मई को दोनों पक्षों के बीच डिजिटल शिखर सम्मेलन में महामारी से लड़ाई में संभावित सहयोग के बारे में चर्चा करेंगे. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ यूरोपीय संघ कोविड-19 महामारी के बीच भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है. वायरस के खिलाफ लड़ाई सामान्य लड़ाई नहीं है. हम आठ मई को नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा के बीच बैठक के दौरान यूरोपीय संघ-भारत के बीच सहयोग के बारे में चर्चा करेंगे.’’

इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने जर्मनी से 23 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र हवाई मार्ग से लाने का फैसला किया है. अधिकारियों ने बताया कि इनमें से प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 40 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट और 2,400 लीटर ऑक्सीजन प्रति घंटा उत्पादन करने की है . उन्होंने बताया कि एक अन्य कदम के तहत, रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) में शॉर्ट सर्विस कमीशन सेवा के दायरे में 238 डॉक्टरों की सेवा को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला किया हे .

रक्षा मंत्रालय के प्रधान प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने कहा कि जर्मनी से लाए जाने वाले संयंत्रों की स्थापना कोविड-19 के मरीजों का उपचार करने वाली सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के अस्पतालों में की जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उच्चस्तरीय बैठक

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत से आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की संभावित मांग की पूर्ति के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने का आह्वान किया और कहा कि देश में ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही इनकी आवाजाही के उपायों को भी मजबूत करना होगा.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी सहित देश के अग्रणी ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं से डिजिटल माध्यम से संवाद करते हुए मोदी ने अन्य गैसों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले टैंकरों का उपयोग ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए करने का आग्रह किया और कहा कि आज समय न सिर्फ चुनौतियों का सामना करने का है, बल्कि कम समय में उनका समाधान भी प्रदान करना है.

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मोदी ने ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया. मोदी ने संक्रमण के अधिक मामलों वाले 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भी की. उन्होंने सभी राज्यों से साथ मिलकर काम करने और जीवन रक्षक दवाइयों तथा ऑक्सीजन संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए एक-दूसरे से सहयोग करने का आग्रह किया.

कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्यों को पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम ‘‘एक राष्ट्र’’ के रूप में काम करेंगे तो संसाधनों का कोई अभाव नहीं होगा. मोदी ने कहा कि प्रत्येक राज्य को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी ऑक्सीन टैंकर को न रोका जाए और न ही उसके आवागमन में बाधा डाली जाए. बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि केंद्र को सेना की मदद से सभी ऑक्सीजन संयंत्रों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेना चाहिए. उन्होंने महामारी की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से ‘‘बड़ी त्रासदी’’ हो सकती है.

रेलवे मैदान में

इस बीच, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि अस्पतालों में प्राणवायु की भारी कमी के बीच कोविड रोगियों की जान बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने भारतीय रेलवे से ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेन सेवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है. शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद दिल्ली ने भी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेन सेवा मांगी है. उन्होंने कहा कि ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेनों के प्रत्येक टैंकर में लगभग 16 टन चिकित्सीय ऑक्सीजन होती है और ये ट्रेन 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं.

वहीं, केंद्र ने एम्स, एनआईसी झज्जर, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में तत्काल डीआरडीओ-टाटा संस ऑक्सीजन उत्पादन इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया, जिसकी क्षमता प्रति मिनट 1,000 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की होगी.

सर गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की मौत

सर गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की दुखद मौत के बाद अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर डी एस राणा ने कहा, “यह कहना गलत है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुई. हमने गैर मशीनी तरीकों से मरीजों को ऑक्सीजन दी जब आईसीयू में दबाव घट गया था.” हालांकि सूत्रों के अनुसार ‘‘कम दबाव ऑक्सीजन’’ मौतों का कारण हो सकता है.

गृह मंत्रालय का राज्यों को निर्देश

केंद्र ने शुक्रवार को सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले संयंत्रों की सूची तैयार करें और बंद हो चुकी इकाइयों को आपूर्ति बढ़ाने के लिए फिर से चालू करें ताकि कोविड-19 संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के कारण बढ़ी मांग को पूरा किया जा सके.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों को रोके जाने की घटनाएं अब भी सामने आ रही हैं. उसने राज्यों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति और आवागमन सुनिश्चित किया जाए.

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में कोरोनो वायरस संबंधी हालात की शुक्रवार को समीक्षा की और चिकित्सकीय कार्यों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सुझाव दिए.

(इनपुट भाषा)