नई दिल्ली: भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग के आरोपों का सामना करे शराब कारोबारी विजय माल्या का कहना है कि ब्रिटेन में उनकी कोई प्रॉपर्टी नहीं है. ब्रिटेन में जो भी प्रॉपर्टी है वह उनके मां और बच्चों के नाम पर हैं जिन्हें कोई नहीं छू सकता. माल्या ने कहा कि ब्रिटेन में प्रॉपर्टी के नाम पर उनके पास कुछ कारें और जूलरी है जिन्हें वह कभी भी सौंपने को तैयार हैं. ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि अधिकारी लंदन स्थित माल्या की संपत्तियों की जांच और जब्ती कर सकते हैं.माल्या ने कहा कि मैंने कोर्ट में अपनी संपत्ति को लेकर एफिडेविट दिया है. Also Read - 59 Chinese Apps Ban पर बोले केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, भारत सरकार का यह 'डिजिटल स्ट्राइक'

विजय माल्या ने कहा कि भारत में चुनावी होना वाला है. मुझे लगता है कि वे मुझे वापस लाकर सूली पर लटका देना चाहते हैं ताकि उन्हें ज्यादा वोट मिल सकें. ब्रिटिश हाईकोर्ट ने भारतीय बैंकों की अर्जी पर गुरुवार को अपना फैसला सुनाया जिसमें कहा गया कि 13 बैंकों के संगठन विजय माल्या से संबंधित संपत्तियों की जांच और नियंत्रण के लिए तलाशी ले सकते हैं. माल्या ने रविवार को समाचार एजेंसी रायटर्स से बात करते हुए कहा कि वह ब्रिटिश प्रवर्तन अधिकारियों का पूरा सहयोग करेंगे. लेकिन उनके नाम ब्रिटेन में कोई प्रॉपर्टी नहीं है. यहां तक कि उनका परिवार जिस मकान में रह रहा है, वह भी उनके नाम नहीं है. Also Read - सरकार ने सभी वीजा निलंबित किए, ओसीआई कार्ड धारकों की यात्रा पर पाबंदी

माल्या ने कहा कि ब्रिटेन में मेरे नाम से जो भी प्रॉपर्टी है वह मैं सौंप दूंगा. लेकिन यहां जो लग्जरी आवास है वह मेरे बच्चों के नाम है और लंदन का मकान मां के नाम है, जिन्हें कोई छू नहीं सकता. माल्या ने कहा, ‘मैंने यूके की कोर्ट में अपने एसेट के बारे में हलफनामा दिया है. कुछ कारें हैं, जूलरी हैं, जिन्हें लेने के लिए आपको आने की जरूरत नहीं, मैं खुद ही सौंप दूंगा. मुझे तारीख, समय और स्थान बता दें. लेकिन मकान देने का सवाल ही नहीं है. Also Read - माल्या ने प्रत्यर्पण आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय में अपील करने की अनुमति मांगी

मार्च, 2016 में भारत से फरार होने के बाद माल्या ब्रिटेन में ही रह रहा है. उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा से इंग्लैंड का निवासी और एनआरआई रहा हूं. तो मैं कहां वापस आता? इसलिए फरार होने की बात क्यों कही जा रही है? इसके पीछे राजनीति है. माल्या पर बैंकों के साथ कर्ज में 9,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का आरोप है और वह अपने को भारत को सौंपे जाने की भारतीय एजेंसियों की ओर से दाखिल अर्जी का विरोध कर रहे हैं.

इस आदेश के तहत ब्रिटेन उच्च न्यायालय के प्रवर्तन अधिकारी को माल्या (62) की लंदन के पास हर्टफोर्डशायर में संपत्तियों में प्रवेश की अनुमति दी गई है. इसके तहत अधिकारी और उसके एजेंट को ब्रिटेन के वेलविन इलाके में तेविन नामक स्थान पर लेडीवॉक और ब्रैंबल लॉज में उनके ठिकानों में प्रवेश की अनुमति होगी. माल्या इस समय वहीं पर रह रहे हैं. एजेंटों को बल प्रयोग का भी अधिकार होगा. हालांकि , यह प्रवेश का निर्देश नहीं है. इसका मतलब है कि बैंकों के लिए यह एक साधन है जिसका इस्तेमाल वे करीब 1.14 अरब पाउंड की वसूली के लिए कर सकते हैं. इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय का प्रवर्तन अधिकार या उसके तहत कोई प्रवर्तन एजेंट जरूरी होने पर संपत्ति में प्रवेश के लिए पर्याप्त बल का इस्तेमाल कर सकते हैं.