नई दिल्लीः केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में शरणार्थी के तौर पर आए 5300 परिवारों में प्रत्येक को केंद्र सरकार 5.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से आए विस्थापित 5300 परिवारों को प्रधानमंत्री द्वारा 2016 में घोषित पैकेज का लाभ प्रदान करने पर मुहर लग गई. इस पुनर्वास पैकेज को कैबिनेट ने 30 नवंबर 2016 को मंजूरी दी थी.

कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए जावड़ेकर ने कहा, “विभाजन के बाद बहुत से शरणार्थियों का समूह भारत आया. इसके बाद दूसरा समूह कश्मीर के भारत में विलय होने के बाद यहां आया. फिर पीओके से भी शरणार्थी यहां आए. प्रधानमंत्री ने पहले ही 2016 में पीओके के विस्थापितों के लिए 5.5 लाख रुपये प्रति परिवार के पैकेज की घोषणा कर दी थी.”

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इन परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने में देरी के बारे में बताते हुए जावड़ेकर ने कहा कि उन्होंने शुरुआत में जम्मू-कश्मीर राज्य से बाहर जाने का विकल्प चुना था, लेकिन बाद में वह वापस लौट आए और आखिरकार राज्य में बस गए. उन्होंने कहा कि पुनर्वास पैकेज को कैबिनेट ने नवंबर 2016 में मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि कई परिवार शुरू में कश्मीर गए थे, लेकिन बाद में वे अन्य राज्यों में बस गए.

जावड़ेकर ने कहा, “उनके साथ अन्याय हुआ था, लेकिन अब हम उनके लिए न्याय लेकर लाए हैं. मुझे लगता है कि कश्मीर में इसका स्वागत किया जाएगा. 5300 परिवारों को 5.5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. एक ऐतिहासिक गलती को सुधार लिया गया है.” कैबिनेट बैठक के बाद जारी किए गए बयान में कहा गया, “ये परिवार जो युद्ध और शत्रुता के कारण पीड़ित हैं, एक उचित मासिक आय अर्जित करने के साथ ही आर्थिक गतिविधियों की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे.”