नई दिल्ली: विदेशी संपत्ति मामले में धनशोधन की जांच का सामना कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की परेशानी बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रवासी भारतीय उद्योगपति सीसी थंपी को गिरफ्तार किया. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. ईडी के एक अधिकारी ने कहा, “वाड्रा की विदेशी संपत्ति मामले की जांच के संबंध में थंपी को शुक्रवार शाम नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया.”

एजेंसी ने कहा कि थंपी को वाड्रा के मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया. वाड्रा के खिलाफ इंग्लैंड में 19 लाख पाउंड की विदेशी संपत्ति के धनशोधन के मामले की जांच चल रही है. ईडी के एक अधिकारी ने खुलासा किया कि एजेंसी को पता चला है कि वाड्रा से संबंधित कुछ लोगों ने ये संपत्तियां दूसरे देशों से भी खरीदी हैं.

ईडी को शक है कि थंपी के माध्यम से 2009 में एक पेट्रोलियम सौदा किया गया था. एजेंसी ने थंपी से पिछले साल अप्रैल में पूछताछ की थी. थंपी और उसकी तीन कंपनियां- होलीडे सिटी सेंटर, होलीडे प्रॉपर्टीज और होलीडे बेकाल रिसॉर्ट्स ईडी की जांच के घेरे में हैं. अधिकारी ने कहा कि ईडी ने 1,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में 2017 में थंपी को कारण बताओ नोटिस दिया था और वह केरल में एक संपत्ति की खरीद के मामले में जांच का सामना कर रहा है और उसने कथित रूप से फेमा का भी उल्लंघन किया है.

एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, वाड्रा और थंपी के बयानों में विरोधाभास होने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया. ईडी के अधिकारी ने कहा कि पिछले साल छह फरवरी को पूछताछ के दौरान वाड्रा ने ईडी को बताया था कि थंपी से उनकी मुलाकात अमीरात की उड़ान के दौरान विमान में हुई थी. वहीं, थंपी ने ईडी को दिए अपने बयान में कहा था कि वाड्रा से उनकी मुलाकात सोनिया गांधी के निजी सचिव माधवन के माध्यम से हुई थी.

अधिकारी ने दोनों के बयानों में एक और विरोधाभास देखा. वाड्रा से पूछा गया कि क्या उन्हें लंदन में किसी 12 ब्रेंसन स्क्वेयर (बीएसक्यू) संपत्ति के बारे में पता है. अधिकारी ने कहा, “वाड्रा ने सात फरवरी को पूछताछ के दौरान कहा कि वह वहां कभी नहीं रुके. वहीं थंपी ने छह अप्रैल को अपने बयान में कहा कि वाड्रा लंदन स्थित 12 बीएसक्यू में रुके थे.”