नई दिल्ली: चीन के साथ 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के दौरान भारत ने चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नौसेना का पी-8 आई पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान तैनात किया था. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं के बीच तालमेल लाने की आवश्यकता की चर्चा करते हुए नौसेना के विमान के उपयोग की पुष्टि की.Also Read - Indian Navy Recruitment 2021: 10वीं पास भारतीय नौसेना में बिना परीक्षा के पा सकते हैं नौकरी, बस करना होगा ये काम, 69000 मिलेगी सैलरी

जनरल रावत ने पत्रकारों के एक समूह से कहा, ‘‘भारतीय नौसेना के पी-8आई विमान को डोकलाम में (गतिरोध के दौरान) तैनात किया गया था.” पिछले साल पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी पी-8आई विमान तैनात किए गए थे. Also Read - Indian Army Recruitment 2021: भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का गोल्डन चांस, जल्द करें अप्लाई, 2.17 लाख मिलेगी सैलरी

रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन डीके शर्मा (अवकाशप्राप्त) ने कहा कि निगरानी के लिहाज से पी-8आई बेहतरीन विमान है. निगरानी चाहे समुद्र में करनी हो हो या पहाड़ पर. उन्होंने कहा कि इस विमान की तैनाती बड़े संकट से निपटने में थल सेना और नौसेना के बीच तालमेल का संकेत है. Also Read - सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन स्थापित

भारत इस विमान के लिए बोइंग का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक था. पहला पी-8 आई विमान 2013 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था और अभी बल के पास आठ ऐसे विमान हैं.

(इनपुट भाषा)