नई दिल्ली: चीन के साथ 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के दौरान भारत ने चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नौसेना का पी-8 आई पनडुब्बी रोधी युद्धक विमान तैनात किया था. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने राष्ट्रीय सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं के बीच तालमेल लाने की आवश्यकता की चर्चा करते हुए नौसेना के विमान के उपयोग की पुष्टि की. Also Read - कोरोना वायरस: संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सेना ने बढ़ाई सैनिकों की छुट्टियां

जनरल रावत ने पत्रकारों के एक समूह से कहा, ‘‘भारतीय नौसेना के पी-8आई विमान को डोकलाम में (गतिरोध के दौरान) तैनात किया गया था.” पिछले साल पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भी पी-8आई विमान तैनात किए गए थे. Also Read - ऑपरेशन नमस्ते: सेना प्रमुख ने जवानों से कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी सावधानी बरतने को कहा

रक्षा विशेषज्ञ कैप्टन डीके शर्मा (अवकाशप्राप्त) ने कहा कि निगरानी के लिहाज से पी-8आई बेहतरीन विमान है. निगरानी चाहे समुद्र में करनी हो हो या पहाड़ पर. उन्होंने कहा कि इस विमान की तैनाती बड़े संकट से निपटने में थल सेना और नौसेना के बीच तालमेल का संकेत है. Also Read - ईरान में फंसे 277 भारतीय लौटे स्वदेश, जोधपुर मिलिट्री स्टेशन के आइसोलेशन सेंटर में रखा गया 

भारत इस विमान के लिए बोइंग का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक था. पहला पी-8 आई विमान 2013 में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था और अभी बल के पास आठ ऐसे विमान हैं.

(इनपुट भाषा)