नई दिल्ली: अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार भारतीय नौसेना ने अंडमान सागर में भारत के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में प्रवेश करने वाले चीन के पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के पोत को लौटने पर मजबूर किया है. चीन का यह पोत सितंबर में भारतीय क्षेत्र में घुस आया था. संवाददाता सम्मेलन के दौरान घटना के बारे में पूछे जाने पर नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने कहा कि “हमारे क्षेत्र में गतिविधि करने वाले किसी को भी, भारतीय नौसेना को इसकी जानकारी देनी होगी.”

अधिकारियों ने कहा कि चीन की नौसेना के अनुसंधान पोत को इलाके से वापस जाने पर मजबूर किया गया क्योंकि पोत ने वहां जाने की अनुमति नहीं ली थी. इसी बीच नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने मंगलवार को कहा कि नौसेना 41 पोत खरीद रही है और उसकी दीर्घकालीन योजना है कि नौसेना के पास तीन विमानवाहक पोत हों. एडमिरल सिंह ने वार्षिक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में देश को आश्वस्त किया कि नौसेना राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

देश को तीन एयरक्राफ्ट करियर की जरूरत, 2022 तक मिलेगा तीसरा: नेवी चीफ

एडमिरल सिंह ने कहा, एक नेवी चीफ के तौर पर मैं मानता हूं कि देश को तीन विमान वाहक पोतों की जरूरत है. अभी दो ऑपरेशनल हैं. मेरा सोचना है कि इसे 65,000 टन के साथ ही इले इलेक्‍ट्रोमैग्‍नेटिक प्रोपल्‍शन होना चाहिए.

नेवी प्रमुख ने कहा, हमारे पास पहला स्‍वदेश निर्मित एयरक्राफ्ट कॅरियर IAC-1 साल 2022 तक पूरी तरह से ऑपरेशनल  हो जाएगा और यह MIG-29k के साथ संचालित होगा. एडमिरल करमबीर सिंह ने भारतीय नौसेना के 50 युद्धपोत और पनडुब्बियां निर्माणाधीन हैं, जिनमें से 48 भारतीय शिपयार्ड में ऑर्डर पर हैं.