नई दिल्लीः एक सैन्य अधिकरण ने ‘वाइस-एडमिरल’ बिमल वर्मा की उस याचिका पर रक्षा मंत्रालय से बृहस्पतिवार को तीन हफ्तों में जवाब मांगा है, जिसमें उन्होंने उनकी वरिष्ठता की अनदेखी कर वाइस एडमिरल करमबीर सिंह की अगले नौसेना प्रमुख के तौर पर नियुक्ति किए जाने को चुनौती दी है. रक्षा मंत्रालय द्वारा वर्मा की वैधानिक शिकायत पर कोई जवाब नहीं दिए जाने के बाद वाइस एडमिरल वर्मा (सबसे वरिष्ठ नौसेना कमांडर) ने मंगलवार को एक बार फिर सशस्त्र बल अधिकरण का रूख कर वाइस एडमिरल सिंह की शीर्ष पद पर नियुक्ति को चुनौती दी.

अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ वर्मा ने आठ अप्रैल को सशस्त्र बल अधिकरण में याचिका दायर की थी लेकिन अधिकरण ने जब उनसे कहा कि पहले आंतरिक उपाय तलाशें, तब उन्होंने याचिका वापस ले ली थी. वर्मा के वकील अंकुर छिब्बर ने कहा, “अधिकरण ने सरकार को निर्देश दिया कि वह वाइस एडमिरल वर्मा की याचिका का 15 मई तक निपटारा करे और मामले में सुनवाई की अगली तारीख 20 मई तय की.”

उन्होंने कहा कि सरकार ने हालांकि चार हफ्ते का वक्त जवाब देने के लिए मांगा था, लेकिन अधिकरण ने सिर्फ तीन हफ्ते का वक्त दिया. गौरतलब है कि वाइस एडमिरल वर्मा ने 10 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय के समक्ष एक वैधानिक शिकायत की थी, जिसमें वाइस एडमिरल सिंह को अगले नौसेना प्रमुख के तौर पर नियुक्त करने के फैसले को चुनौती दी गई थी. शिकायत में सरकार से 10 दिनों में जवाब की मांग की गई थी. सरकार द्वारा कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने मंगलवार को एक बार फिर अधिकरण का रूख किया.