मिडिल ईस्ट संकट के बीच, भारत ने खरीदा 50 लाख बैरल क्रूड ऑयल; क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने दुनिया से 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है. कंपनी ने अंगोला, नाइजीरिया और अबू धाबी से क्रूड ऑयल की बड़ी डील की. जानिए भारत की ऊर्जा रणनीति पर इससे क्या असर पड़ेगा?
IOC ने यह खरीद इसलिए की, ताकि अलग-अलग स्रोतों से तेल सप्लाई बनी रहे. (Photo from AI)
भारत की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय बाजार से करीब 50 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, कंपनी ने यह खरीदारी पश्चिम अफ्रीका और पश्चिम एशिया के देशों से टेंडर के जरिए की. इंडियन ऑयल ने यह खरीदारी ऐसे समय में की है, जब दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई को लेकर लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. इस डील को भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
अफ्रीका से खरीदा गया खास क्रूड ऑयल
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन ऑयल ने अंगोला से किस्सांजे और नेम्बा नाम का कच्चा तेल खरीदा है. यह तेल कंपनी की ओडिशा स्थित पारादीप रिफाइनरी में भेजा जाएगा. इसके अलावा कंपनी ने नाइजीरिया का उसान क्रूड भी खरीदा है, जिसे अमेरिकी ऊर्जा कंपनी ExxonMobil से लिया गया. बताया जा रहा है कि पश्चिम अफ्रीका से आने वाले इन कार्गो की कीमत ब्रेंट क्रूड के मुकाबले करीब 4 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा रही. इसके बावजूद IOC ने यह खरीद इसलिए की, ताकि अलग-अलग स्रोतों से तेल सप्लाई बनी रहे और किसी एक क्षेत्र पर ज्यादा निर्भरता न रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब तेल खरीद को लेकर ज्यादा रणनीतिक तरीके से काम कर रहा है.
मध्य पूर्व से भी हुई बड़ी खरीद
पश्चिम अफ्रीका के अलावा, इंडियन ऑयल ने मध्य पूर्व से भी बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा. कंपनी ने अबू धाबी का प्रसिद्ध मुरबन क्रूड ट्रेडिंग कंपनी मक्र्यूरिया से खरीदा, जिसे गुजरात के वाडिनार प्लांट तक पहुंचाया जाएगा. इसके अलावा टोटलएनर्जीज की ट्रेडिंग शाखा तोत्सा से भी मुरबन क्रूड खरीदा गया है, जिसकी सप्लाई चेन्नई के लिए तय की गई है. सूत्रों का कहना है कि मुरबन क्रूड की कीमत ब्रेंट क्रूड के आसपास या उससे हल्के प्रीमियम पर रही. मुरबन क्रूड को बेहतर क्वालिटी और स्थिर सप्लाई के लिए जाना जाता है, इसलिए भारतीय रिफाइनरियां इसे लगातार खरीदती रही हैं.
क्या कम होंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
इस खरीद के बाद, अब सवाल उठता है कि क्या देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत देखने को मिलेगी? विशेषज्ञ कहते हैं कि सिर्फ बड़ी मात्रा में तेल खरीद लेने से तुरंत दाम कम होना तय नहीं माना जाता. भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, टैक्स और ट्रांसपोर्ट लागत जैसे कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं. हालांकि, अगर आने वाले समय में ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं और सप्लाई बेहतर बनी रहती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमत कम हो सकता है.
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