नई दिल्ली, 7 अप्रैल। भारत ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान ने पहली बार आतंकवादी हमलों की जांच में सहयोग किया है जिसके बाद पाकिस्तानी संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने पठानकोट वायुसेना अड्डे का दौरा किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने यह बातें कही। यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय सुरक्षा बल में से किसी प्रत्यक्षदर्शी से जेआईटी को नहीं मिलवाया गया। स्वरूप ने कहा, “पाकिस्तानी जांच दल का 28 मार्च से 1 अप्रैल तक का दौरा सहकारी नजरिये से किया गया था।” यह भी पढ़े-पठानकोट हमले को कोई नहीं मानेगा भारत का नाटक: वेंकैया

स्वरूप ने कहा, “जेआईटी के दल ने अपराध स्थल का दौरा किया और कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान रिकार्ड किए।” उन्होंने कहा कि जेआईटी का दौरा दोनों पक्षों की सहमति के शर्तो के अनुसार हुआ था।

उन्होंने कहा, “यह दौरा पारस्परिक आधार पर और मौजूदा कानूनी व्यवस्थाओं के तहत किया गया।” हालांकि उन्होंने पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि पाकिस्तान ने इस हमले को भारत द्वारा रचा गया ड्रामा बताया है, पर टिप्पणी से इनकार कर दिया। यह भी पढ़े-यूएन में भारत की अपील के खिलाफ फिर से चीन ने दिया पाकिस्तान का साथ

उन्होंने कहा, “सरकार अनुमान पर आधारित मीडिया रिपोर्टो पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करेगी। हम इस मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान पर भरोसा करेंगे।”