नई दिल्लीः महाराष्ट्र के औरंगाबाद (Maharashtra Aurangabad) में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 16 मजदूरों की ट्रेन से कटकर हुई मौत ने हर किसी का दिल दहला दिया था. इस हादसे में पांच मजदूर उमरिया और 11 शहडोल के थे, जिनकी इस ट्रेन हादसे (Aurangabad Train Accident 2020) में जान चली गई. अपने परिजनों के घर पहुंचने के इंतजार में बैठे घरवालों के पास जैसे ही शव पहुंचे तो जैसे इन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. इस हादसे से सबक लेते हुई साउथ-ईस्टर्न रेलवे (South Estern Railway) ने खड़गपुर-भदकर सेक्शन में सभी मालगाड़ियों और स्पेशल ट्रेनों की स्पीड को कम करने का फैसला लिया है. साउथ-ईस्टर्न के इस फैसले के हिसाब से सभी ट्रेनों की स्पीड को 40 किमी. प्रति घंटा तक कम करने का फैसला लिया है. Also Read - बेटी की शादी से एक दिन पहले पिता ने की आत्महत्या, फिर जो हुआ वो मिसाल बन गया...

इस फैसले की जानकारी जानकारी एक अधिकारी ने रविवार को दी. अधिकारी के मुताबिक, लॉकडाउन(Lockdown) के बीच कई प्रवासी मजदूर पैदल सफर तय करके अपने-अपने राज्य वापस जा रहे हैं. रास्तों का ज्ञान ना होने की वजह से ये रेलवे ट्रैक्स को फॉलो करते हैं. प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को देखते हुए ये फैसला लिया गया है कि, खड़गपुर-भदकर सेक्शन में सभी मालगाड़ियों और स्पेशल ट्रेनों की स्पीड को 40 किलोमीटर प्रति घंटा कम किया जाएगा. Also Read - Coronavirus in Indore News: हॉटस्पॉट इंदौर में संक्रमितों की संख्या 3,600 के पार, अब तक 145 मरीजों की मौत

अधिकारी के मुताबिक, किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), ट्रैकमैन और गेटमैन सहित सेक्शन के सभी कर्मचारियों को रेलवे ट्रैक पर प्रवासी मजदूरों की आवाजाही को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और इसके साथ ही ट्रैक पर नजर बनाए रखने को भी कहा गया है. Also Read - Indian Railway News: अब दिल्ली से नहीं चलेंगी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, जानें क्या है वजह

अधिकारी के अनुसार, हाल ही में ट्रैक पर प्रवासी मजदूरों की मूवमेंट देखी गयी थी. जिसके चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा के खड़गपुर-भदकर सेक्शन तक रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक के लिए ट्रेनों की स्पीड कम रखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही लोको पायलट को भी नजर बनाए रखने और सावधानी के साथ ट्रेन चलाने के निर्देश दिए गए हैं.