भारत की खास उपलब्धि, दुनिया की सबसे लंबी और सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन तैयार, जानिए इसके बारे में

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन-सेट का निर्माण पूरा हो चुका है. यह बड़ी लाइन वाले प्लेटफॉर्म पर दुनिया का सबसे लंबा (10 डिब्बे) और सबसे शक्तिशाली (2,400 किलोवाट) हाइड्रोजन ट्रेन-सेट है.

Published date india.com Published: December 11, 2025 1:53 PM IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Indian Railway hydrogen-powered train: भारतीय रेलवे ने एक खास उपलब्धि हासिल की है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक सवाल का जवाब देते हुए बताया है कि भारतीय रेलवे ने पायलट बेसिस पर अपनी पहली हाइड्रोजन-पावर्ड ट्रेन का निर्माण पूरा कर लिया है. ग्रीनर ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

क्या खास है भारत की हाइड्रोजन ट्रेन में…

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन-सेट का निर्माण पूरा हो चुका है. यह बड़ी लाइन वाले प्लेटफॉर्म पर दुनिया का सबसे लंबा (10 डिब्बे) और सबसे शक्तिशाली (2,400 किलोवाट) हाइड्रोजन ट्रेन-सेट है. इस ट्रेन-सेट में 1200 किलोवाट की दो ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) हैं जिनकी कुल क्षमता 2400 किलोवाट है. साथ ही आठ यात्री कोच भी हैं.

इस ट्रेन-सेट में उपयोग के लिए हाइड्रोजन उपलब्ध कराने के वास्ते जींद में एक हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया गया है. इस संयंत्र में विद्युत अपघटन प्रक्रिया का उपयोग कर हाइड्रोजन का उत्पादन किया जा रहा है जो हरित हाइड्रोजन उत्पादन का एक प्रमुख तत्व है.

हाइड्रोजन से चलने वाली हरित ट्रेनों के शुरूआत की समयसीमा के विवरण और अन्य ऊर्जा स्रोतों पर चलने वाली ट्रेनों की तुलना में उनकी लागत के बारे में पूछे गए सवालों का लिखित जवाब भी रेल मंत्री ने दिया. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस परियोजना में प्रारंभिक चरण से डिजाइन तैयार करना और भारतीय रेलवे में पहली बार हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी का विकास करना शामिल है. चूंकि हाइड्रोजन ट्रेन-सेट और इसके बुनियादी ढांचे को प्रायोगिक आधार पर विकसित किया गया है इसलिए इस समय हाइड्रोजन-ईंधन वाली ट्रेनों की लागत की तुलना मौजूदा ट्रेन प्रणालियों से करना उपयुक्त नहीं होगा. वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे ने अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन को प्रायोगिक आधार पर परिचालित करने के लिए एक अत्याधुनिक परियोजना शुरू की है.

रेल मंत्री ने एक अन्य सवाल के लिखित जवाब में बताया कि वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर प्रारूप को लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है और वर्तमान में ऐसे दो ट्रेन सेट परीक्षण के तहत हैं. वैष्णव ने कहा कि लंबी और मध्यम दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए वंदे भारत ट्रेन के स्लीपर संस्करण को स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया है.

ऐसे दो रैक निर्मित किए जा चुके हैं और परीक्षण/चालू करने की प्रक्रिया में हैं. सुरक्षा सुविधाओं को रेखांकित करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि इन ट्रेनों में कवच प्रणाली के साथ ही उच्च अग्नि सुरक्षा मानक भी हैं. सभी डिब्बों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं वहीं आपातस्थिति में यात्री और ट्रेन प्रबंधक/लोको पायलट के बीच संचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था भी है.

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