Indian Railways/IRCTC Train Cancelled: Cyclone Jawad के मद्देनजर दक्षिण पूर्व रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द (Train Cancelled) कर दिया है. दरअसल ऐसी आशंका जताई गई है कि चक्रवात (Cyclone Jawad) आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि एक चक्रवाती तूफान शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंच सकता है. जिसको देखते हुई ट्रेनों पर भी असर पड़ेगा इसलिए रेलवे ने सावधानी बरतते हुए कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है.Also Read - Indian Railway Recruitment 2022: भारतीय रेलवे में इन पदों पर आई भर्ती, 10वीं पास अभ्यर्थी करें आवेदन

इससे पहले ईस्ट कोस्ट रेलवे (East Coast Railway) ने भी चक्रवाती तूफान जवाद (Cyclone Jawad Alert) के अलर्ट के बीच यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर 3 और 4 दिसंबर के लिए 95 ट्रेनों को रद्द (95 Trains Cancelled) करने का निर्देश दिया था. गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ (Cyclone Jawad) का रूप ले लेगा. Also Read - India Railways/IRCTC: ट्रेन में यात्रा करते समय रात में की ये हरकत तो होगी कार्रवाई, जानिए रेलवे का नया नियम

परेशानी से बचने के लिए यहां देखें पूरी लिस्ट (Indian Railways/IRCTC Train Cancelled)

परेशानी से बचने के लिए यहां देखें पूरी लिस्ट (Indian Railways/IRCTC Train Cancelled) Also Read - Railway Recruitment 2022: रेलवे में इन पदों पर आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक, जल्दी करें आवेदन

परेशानी से बचने के लिए यहां देखें पूरी लिस्ट (Indian Railways/IRCTC Train Cancelled)

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Indian Railways/IRCTC Train Cancelled

इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की खाड़ी में आसन्न चक्रवात ‘जवाद’ से निपटने की राज्यों, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय बैठक में समीक्षा की और अधिकारियों को जान व माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई.

पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने के लिए हरसंभव कदम उठाने, बिजली, दूरसंचार, स्वास्थ्य और पेय जल जैसी आवश्यक सेवाओं का रखरखाव सुनिश्चित करने व इनमें किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर उन्हें तत्काल बहाल करने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री ने दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने के साथ ही चौबीसों घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया.

बैठक में प्रधानमंत्री के प्रमुख सलाहकार पी के मिश्रा, कैबिनेट सचिव राजीव गौबा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के महानिदेशक और भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक सहित कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

बैठक में प्रधानमंत्री के समक्ष चक्रवात की वर्तमान स्थिति और इसके संभावित असर के बारे में एक प्रस्तुति के जरिए जानकारी दी गई. ऐसी आशंका जताई गई है कि चक्रवात आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि एक चक्रवाती तूफान शनिवार की सुबह आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में पहुंच सकता है. ओड़िशा सरकार ने राज्य के 13 जिलों के जिलाधिकारियों को लोगों को तटीय इलाकों से बाहर निकालने और राहत व बचाव कार्य के लिए तैयार रहने को कहा है.

(इनपुट भाषा)