कोलकाताः भारतीय रेलवे ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में 13 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच सीएए और एनआरसी के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में उसे 84 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है. कोलकाता उच्च न्यायालय के समक्ष दाखिल की गई रिपोर्ट में रेलवे ने यह बात कही. Also Read - Indian Railway Recruitment 2021: रेलवे में इन 2532 पदों पर आवेदन करने की कल है आखिरी डेट, 10वीं, 12वीं पास इस Direct Link से करें अप्लाई

पूर्व रेलवे ने मुख्य न्यायाधीश टी बी एन राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति ए बनर्जी की खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को एक हलफनामे में कहा कि विरोध प्रदर्शन के चलते उसे 72.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. हलफनामे में बताया गया कि सबसे अधिक 46 करोड़ रुपये का नुकसान सियालदह डिवीजन में हुआ. इसके अलावा मालदा डिविजन में 24.5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. Also Read - West Bengal में कांग्रेस के ISF से गठबंधन को लेकर BJP ने किया हमला, कहा- कांग्रेस का न कोई ईमान, न विचारधारा

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दक्षिण पूर्वी रेलवे ने एक अलग हलफनामे में कहा कि उसे 12.75 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी. बता दें कि नागरिकता कानून लागू होने के बाद से ही पूरे उत्तर पूर्व भारत में इस कानून के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुआ था. पूरे भारत में कई जगहों पर सरकारी संपत्ति को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान रेलवे को पश्चिम बंगाल में हुआ.