नई दिल्ली: भारत में निजी रेलगाड़ियों के परिचालन में बॉम्बार्डियर, एल्सटॉम, सीमेंस और जीएमआर सहित देशी- विदेशी 23 कंपनियों ने रुचि दिखाई है. रेलवे ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. वहीं, रेलवे ने निजी ऑपरेटरों से कुछ खास विशेषताओं रेलगाड़ियों के लिए मांग की है, जिसमें ये ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होंगी Also Read - Farm Bills 2020 का पंजाब और हरियाणा में जमकर विरोध, पंजाब में 3 दिन के लिए कई ट्रेनें कैंसिल, यहां देखें लिस्ट

रेलवे ने कहा कि इन कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया से पूर्व बुधवार को इस संबंध में हुई एक बैठक में हिस्सा लिया. बारह खंडों में निजी रेलगाड़ियां चलाने को लेकर हुई इस बैठक में बीईएमएल, आईआरसीटीसी, भेल, सीएएफ, मेधा ग्रुप, स्टरलाइट, भारत फोर्ज, जेकेबी इंफ्रास्ट्रक्चर और तीतागढ़ वैगन्स लिमिटेड भी शामिल हुईं. Also Read - Railways: फेस्टिव सीजन में बिहार-बंगाल आने-जाने में नहीं होगी परेशानी, चलेंगी 80 स्पेशल ट्रेनें

रेलवे ने 151 आधुनिक रेलगाड़ियों (रेक) के माध्यम से 109 मार्गों पर यात्री सेवा के परिचालन में निजी भागीदारी के लिए अनुरोध आमंत्रित किए हैं. ये नई रेलगाड़ियां नेटवर्क पर पहले से चल रही रेलगाड़ियों के अतिरिक्त होंगी. रेलवे नेटवर्क पर यात्री रेलगाड़ियां चलाने के लिए निजी निवेश की यह पहली पहल है. इस परियोजना से लगभग 30 हजार करोड़ रुपए का निजी निवेश प्राप्त होने का अनुमान है. Also Read - PNR STATUS IRCTC Special Train: अनलॉक 4.0 में स्पेशल ट्रेन में टिकट किया है बुक तो अपने व्हाट्सएप से ऐसे चेक करें पीएनआर स्टेटस

भारतीय रेलवे ने 2023 में 12 प्राइवे ट्रेन के पहले सेट को शुरू करने की योजना बनाई है, उसके बाद अगले वित्त वर्ष में 45 के साथ एक प्रारंभिक समय के अनुसार, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने द्वितीय प्री-बिड कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित की, जिसमें 23 कंपनियां शामिल थीं, जिनमें कई विदेशी फर्में थीं.

निजी ट्रेनों में स्लाइडिंग दरवाजे, टॉक-बैक तंत्र, कोच निगरानी, अलार्म होने चाहिए: रेलवे मसौदा
निजी रेलगाड़ियों के लिए एक मसौदा विनिर्देश के अनुसार इन रेलगाड़ियों में ये सुविधाएं और तकनीकी होना चाहिए. ये कुछ ऐसी विशेषताएं हैं, जो रेलवे ने निजी ऑपरेटरों से इन रेलगाड़ियों के लिए मांग की है. इस मसौदे को रेलवे ने बुधवार को साझा किया.
– इलेक्ट्रॉनिक स्लाइडिंग दरवाजे
– सुरक्षा कांच के साथ खिड़कियां
– आपातकालीन टॉक-बैक तंत्र,
– यात्री निगरानी प्रणाली और सूचना एवं गंतव्य बोर्ड होने चाहिए
– ये रेलगाड़ियां यात्रियों को शोर-मुक्त यात्रा प्रदान करेंगी – ये ट्रेनें 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम होंगी
– ट्रेन को ऐसे डिजाइन किया जाएगा ताकि वे परीक्षण के दौरान 180 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति से सुरक्षित रूप से संचालित हो सकें
– इन रेलगाड़ियों में आपातकालीन ब्रेक लगाएं जाएंगे, जिससे 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा करते समय 1,250 मीटर से कम दूरी पर उन्हें रोका जा सके