नई दिल्ली: भारतीय रेल ने शुक्रवार को आश्वासन दिया कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी लेकिन आने वाले दिनों में उसके कर्मचारियों का कामकाज कुछ बदल सकता है. गौरतलब है कि रेलवे ने एक दिन पहले ही एक पत्र जारी कर अपने महाप्रबंधकों से कहा था कि वे रिक्तियों में 50 प्रतिशत की कटौती करें और नए पदों का सृजन फिलहाल रोक दें.Also Read - Coronavirus cases In India: कोरोना संक्रमण के मामले हुए कम, 1 दिन में 30 हजार से अधिक लोग संक्रमित, 422 लोगों की मौत

ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में रेलवे बोर्ड के महानिदेशक (मानव संसाधन) आनंद एस. खाटी ने कहा कि भारतीय रेल ‘‘संख्या में कटौती नहीं कर रही है, सही व्यक्ति को सही काम दे रही है.’’ उन्होंने कहा कि भारतीय रेल में प्रौद्योगिकी के आने से कुछ लोगों का काम बदल सकता है, ऐसे में उन्हें नये काम का प्रशिक्षण दिया जाएगा, लेकिन किसी की नौकरी नहीं जाएगी. Also Read - Covid 19 R Value: कोरोना की तीसरी लहर की तरफ बढ़ रहा देश? आर वैल्यू पहुंचा 1 के पार

उन्होंने कहा, ‘‘हम सही व्यक्ति को सही काम देंगे, नौकेरी से नहीं निकालेंगे. इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय रेल देश का सबसे बड़ा नियोक्ता बना रहेगा. हम बिना कौशल वाली नौकरियों से कौशल वाली नौकरियों की ओर जा रहे हैं.’’ Also Read - अब पाकिस्तान में बढ़ रहा कोरोना का कहर, कई प्रमुख शहरों में फिर से पाबंदियां लगाई गईं

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को दिए गए आदेश से तात्पर्य ऐसे पदों पर भर्ती करने से बचना है जहां कोई काम नहीं है, ऐसा करके भारतीय रेल उचित जगहों पर नयी रिक्तियां सृजित कर सकती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जिन पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है, वह जारी रहेगी और नियुक्तियां भी होंगी. जिन नियुक्तियों के संबंध में विज्ञापन या अधिसूचना जारी हो चुकी है, उनमें भी कोई बदलाव नहीं होगा. भारतीय रेल में फिलहाल 12,18,335 कर्मचारी है और वह अपनी कमाई का 65 प्रतिशत हिस्सा वेतन और पेंशन पर खर्च करती है.

(इनपुट भाषा)