नई दिल्ली: नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि रुपया अपनी स्वाभाविक मूल्य स्थिति में लौट रहा है. वह यहां नाबार्ड के एक कार्यक्रम से अलग पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.Also Read - 112 आकांक्षी जिलों में बच्चों को मुफ्त शिक्षा देगा बायजू, NITI आयोग के साथ की साझेदारी

कुमार ने कहा कि पिछले तीन साल में रुपया 17% बढ़ा है. जबकि इस साल की शुरुआत से रुपया 9.8% गिरा है. इसलिये यह अपने स्वाभाविक मूल्य की तरफ लौट रहा है. उन्होंने कहा कि रुपये का मूल्य वास्तविक तौर पर तय होना चाहिए ना कि इसे अत्याधिक बढ़ा दिया जाना चाहिए. विनिमय दर वह मानक है जो मांग और आपूर्ति के बीच सही संतुलन को दर्शाता है. Also Read - Rajasthan School Reopening: राज्य में जल्द ही खोले जाएंगे प्राथमिक विद्यालय? नीति आयोग ने की सिफारिश

कुमार ने कहा कि लोगों को इस भ्रम में नहीं रहना चाहिए कि रुपये में मजबूती बेहतर अर्थव्यवस्था का संकेत है. जब उनसे पूछा गया कि रुपये में गिरावट चिंता का विषय है या नहीं तो उन्होंने कहा, ‘‘एक हद तक नहीं.’’ उल्लेखनीय है कि गिरावट के दौर को जारी रखते हुए डॉलर के मुकाबले रुपया आज 43 पैसे और गिरकर 70.32 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. Also Read - Niti Aayoag: नीति आयोग ने ईवी चार्जिग पॉइंट स्थापित करने के लिए गाइड जारी की

वहीं दूसरी ओर एक्सपर्ट अभी रुपये में और गिरवाट की आशंका जता रहे हैं. मार्केट एक्सपर्ट और फैक्टर एलएलसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर ब्रांट का कहना है कि रुपया डॉलर के मुकाबले 80 रुपए तक जा सकता है. उनका कहना है कि इस समय रुपए की जो कीमत है वह बहुत ही रोचक है और इसकी निगरानी की जरूरत है. रुपए की हालत बहुत टाइट है. अगले 4 से 6 महीने में यह 80 के स्तर को छू सकता है.

वहीं आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंचने के लिए ‘बाहरी कारणों’ को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि जबतक अन्य मुद्राओं के अनुरूप घरेलू रुपये में गिरावट होती है, इसमें चिंता की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि यहां तक रुपया 80 रुपये प्रति डालर तक चला जाता है और अगर दूसरी मुद्राओं में भी गिरावट इसी स्तर पर रहती है तो भी कोई गंभीर चीज नहीं है.

(इनपुट: एजेंसी)