भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बुधवार को एक साथ 20 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्थापित करते हुए अंतिरक्ष में अपनी कामयाबी भी लिख दी पूरी दुनिया के सामने। बतादें की इस कामयाबी के बाद इसरो के भारतीय वैज्ञानिकों को पूरी दुनिया से बधाइयां मिलने लगी। वहीं दूसरी तरफ अब भारत के इन वैज्ञानिकों से अब दूसरे देश भी काम करवाने के दौड़ में लग गए हैं। वहीं भारत को ऐसे उपग्रहों को स्थापित करने के लिए किसी भी देश की जरूरत नहीं है।

भारत के लिए है बड़ी उपलब्धि:
भारत के साथ-साथ अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान जैसे देशों का भी नाम स्पेस शटल की संचालित उड़ान में शामिल है। मगर जहां रूस ने केवल एक बार साल 1989 में एक ही स्पेस शटल बनाया था। वहीं फ्रांस और जापान ने भी कुछ बार इस तरह की प्रायोगिक उड़ानें भरी। साथ ही बात की जाए अमेरिका की तो उसने अबतक 135 बार प्रायोगिक उड़ानें भरी है मगर उसकी अवधि साल 2011 में ख़त्म हो गई। इस तरह से देखा जाए तो भारत ही एक ऐसा देश बचा है जो इस कार्य में सफल है। वहीं अब तक भारत ने पीएसएलवी सी-34 के सफलता पूर्वक प्रक्षेपण के साथ ही 74 विदेशी सैटेलाइट भेजने का कीर्तिमान बना लिया है। यह भी पढ़ें: इसरो ने अबतक भेजे 74 विदेशी सैटेलाइट, आज एकसाथ 17 विदेशी सैटेलाइट भेज रचा इतिहास

कम लागत में बेहतरीन प्रदर्शन:
भारत के वैज्ञानिकों ने कम लागत में बेहतर काम कर के दुनियां को अपने हुनर का लोहा मनाने पर मजबूर कर दिया है। आपको बतादें की इस साल में भारत लगभग 7 देशों के लिए 25 उपग्रह की उड़ान को पंख लगाने वाला है। बतादें की भारत ने अब तक पीएसएलवी के जरिये 21 देशों के 74 उपग्रहों को सफलता के साथ उड़ा चुका है। वहीं आने वाले वक़्त के लिए बाकी देश भी भारत से अपने लिए सैटेलाइट भेजने की दौड़ में शामिल हो गए हैं।

जानिए क्या है खास इस बार की सैटेलाइट की उड़ान में:
भारत के पीएसएलवी सी 34 ने जिस तरह सफलतापूर्वक 20 सैटेलाइट को उसकी कक्षा में पहुंचाया, ये एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं इसरो के चेयरमैन के कहने के मुताबिक, रॉकेट के कक्षा में पहुंचने के बाद सैटेलाइट को जिस तरह से कक्षा में उतारा जाता है, वो एक बहुत मुश्किल भरा काम रहता है। साथ ही यह भी बताया की लॉन्च हुई इन सभी सैटेलाइट को कार्टोसेट 2 सीरीज़ में भेजा गया है। इसके मुताबिक अगर कोई अंतरिक्ष से सैटेलाइट के जरिए ली हुई तस्वीरें देखेगा तो वह आसमान से ज़मीन की बेहतरीन तस्वीरें होंगी।