
Azhar Naim
मैं अज़हर नईम हूं और फिलहाल India.com में ट्रेनी के तौर पर काम कर रहा हूं. यहां मैं ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों ... और पढ़ें
क्रिसमस से ठीक पहले भारत एक बड़ी अंतरिक्ष कामयाबी की ओर बढ़ने जा रहा है. 24 दिसंबर 2025 की सुबह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO अपना अब तक का सबसे ताकतवर हाई-प्रोफाइल कमर्शियल मिशन लॉन्च करने जा रहा है. इस मिशन में ISRO का हेवी-लिफ्ट रॉकेट LVM3, जिसे ‘बाहुबली‘ कहा जाता है, अमेरिकी कंपनी AST SpaceMobile के बेहद खास और भारी BlueBird-6 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित करेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, यह लॉन्च श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 8:54 बजे किया जाएगा. इस मिशन को ISRO के साल 2025 के सबसे अहम और हाई-प्रोफाइल लॉन्च में गिना जा रहा है.
LVM3 रॉकेट को खासतौर पर भारी सैटेलाइट को लो अर्थ ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए डिजाइन किया गया है. अब तक इस रॉकेट का रिकॉर्ड 100 प्रतिशत सफल रहा है, यही वजह है कि एक अमेरिकी निजी कंपनी ने अपने सबसे कीमती सैटेलाइट के लिए ISRO पर भरोसा जताया है. नासा और स्पेसएक्स जैसी दिग्गज एजेंसियों के बीच ISRO को चुना जाना भारत की बढ़ती अंतरिक्ष ताकत का साफ संकेत है. यह मिशन ISRO की कमर्शियल शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के जरिए किया जा रहा है, जो भारत को वैश्विक स्पेस मार्केट में मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है.
BlueBird-6 कोई साधारण सैटेलाइट नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार, यह दुनिया का पहला ऐसा कमर्शियल सैटेलाइट बनने जा रहा है, जो सीधे अंतरिक्ष से आम लोगों के स्मार्टफोन को नेटवर्क उपलब्ध कराएगा. यानी कि भविष्य में मोबाइल टावर के बिना भी फोन पर कॉल और इंटरनेट संभव हो सकेगा. सैटेलाइट के ऑर्बिट में पहुंचते ही इसमें लगा एक विशाल एंटीना खुलेगा, जो अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल ‘फेज्ड एरे‘ एंटीना होगा. इसका मकसद दुनिया का पहला स्पेस-बेस्ड सेल्युलर ब्रॉडबैंड नेटवर्क तैयार करना है, जिससे दूर-दराज और नेटवर्क से वंचित इलाकों में भी कनेक्टिविटी आसान होगी.
रिपोर्ट्स बताते हैं कि, 6.5 टन वजनी सैटेलाइट को सुरक्षित तरीके से अंतरिक्ष में पहुंचाना अपने आप में एक बड़ी तकनीकी चुनौती है. इस मिशन की सफलता ISRO के लिए आने वाले कई अंतरराष्ट्रीय लॉन्च के दरवाजे खोल सकती है. इससे भारत की छवि एक भरोसेमंद और किफायती स्पेस लॉन्च पार्टनर के रूप में और मजबूत होगी. इसी के साथ यह मिशन न सिर्फ तकनीक, बल्कि आम लोगों की जिंदगी में भी बड़ा बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है, क्योंकि मोबाइल कनेक्टिविटी का भविष्य अब सीधे अंतरिक्ष से जुड़ने जा रहा है.
माना जा रहा है कि यह मिशन ISRO के लिए कई नए इंटरनेशनल लॉन्च कॉन्ट्रैक्ट्स की राह खोल सकता है, जो देश के लिए एक अच्छा संकेत है.
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