देश में कोरोना का कहर जारी है. भारत में बेकाबू हो चुके कोरोना वायरस (Coronavirus) से 60 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हैं वहीं, अब तक 95 हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है. कोरोना वैक्सीन (Covid Vaccine) को लेकर भी वैज्ञानिक जुटे हुए हैं. भारत में तीन-तीन वैक्सीन पर रिसर्च जारी है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि जब तक कोरोना की दवाई नहीं आ जाती तब तक हमें ढिलाई नहीं बरतनी है और दो गज की दूरी का पालन करना जरूरी है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल के आखिर तक देश में कोरोना की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) उपलब्ध हो जाएगी.Also Read - चीन में फिर बढ़ा कोरोना का खतरा, बीजिंग समेत कई शहरों में तेजी से फैल रहा डेल्टा वेरिएंट

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने कहा कि ICMR के दूसरे सीरो सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि भारत की आबादी कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के खिलाफ हर्ड इम्यूनिटी (Herd Immunity) क्षमता हासिल करने से दूर है, लिहाजा संक्रमण से निपटने के लिए दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है. Also Read - केंद्र ने वंचितों, भिखारियों के लिए विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित करने को कहा, राज्यों को लिखा खत

एक बयान में बताया गया है कि अपने सोशल मीडिया फॉलोअर्स के साथ संवाद के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों में पुनः संक्रमण की रिपोर्टों की जांच और शोध कर रहा है. हालांकि इस समय पुनः संक्रमण के मामलों की संख्या नगण्य है. सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है. Also Read - कोरोना का डेल्टा वेरिएंट बेहद खतरनाक, चेचक की तरह आसानी से बन सकता है गंभीर संक्रमण का कारण- रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि सीरो सर्वेक्षण की रिपोर्ट से लोगों में संतोष का भाव पैदा नहीं होना चाहिए. मई 2020 में हुए पहले सीरो सर्वेक्षण से पता चलता है कि कि कोरोनो वायरस संक्रमण का देशव्यापी प्रसार केवल 0.73% था. हर्षवर्धन ने कहा, ‘यहां तक कि जल्द ही जारी किए जाने वाले दूसरे सीरो सर्वेक्षण से संकेत मिलते हैं कि हम किसी भी प्रकार की हर्ड इम्यूनिटी की क्षमता हासिल करने से बहुत दूर हैं. ऐसे में आवश्यक है कि हम सभी को कोविड दिशानिर्देशों (Covid Guidelines) के अनुसार उचित व्यवहार का पालन करते रहना चाहिए.’

बयान में बताया गया है कि स्वास्थ्य मंत्री ने चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोलने के बारे में आशंकाओं को दूर किया और सैलून (नाई की दुकान) तथा हेयर-स्पा जाते समय उचित प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी. उन्होंने सभी लोगों से कोविड-19 के बारे में हमेशा जागरूकता फैलाने को कहा. उन्होंने बताया कि वह खुद अपनी कार को रोककर कोविड-19 निर्देशों का अनुपालन ना करने वाले लोगों से मास्क लगाने को कहते हैं.

हर्षवर्धन ने ‘दो गज की दूरी और थोड़ी समझदारी, पड़ेगी कोरोना पे भारी’ नारा देते हुए कहा ‘महामारी का मुकाबला तभी किया जा सकता है जब सरकार और समाज मिलकर काम करें.’ रेमेडेसिविर और प्लाज्मा थैरेपी जैसे उपचारों के व्यापक उपयोग के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने उनके तर्कसंगत उपयोग के संबंध में नियमित सलाह जारी की है. निजी अस्पतालों को भी इन उपचारों के नियमित उपयोग के खिलाफ सलाह दी गई है.

(इनपुट: भाषा)