नई दिल्ली: मार्केट रिसर्च फर्म इप्सोस (Market research firm Ipsos) के एक नए सर्वेक्षण (Survey) में यह खुलासा हुआ है कि 78 प्रतिशत शहरी भारतीय सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) के पूर्णप्रतिबंध (Ban) को लेकर ठोस कदम उठाने के पक्ष में हैं. ‘अ थ्रोअवे वर्ल्ड- द चैलेंज ऑफ प्लास्टिक पैकेजिंग एंड वेस्ट’ (A Throwaway World – The Challenge of Plastic Packaging and Waste ) नामक सर्वे के अनुसार, 80 प्रतिशत से अधिक शहरी (Urban) भारतीयों ने कहा कि वे अपने द्वारा उत्पादित पैकेजिंग (Packaging) के रिसाइक्लिंग (Recycling) और रीयूज (Reuse) के लिए इसे बनाने वालों को जिम्मेदार ठहराएंगे.

इप्सोस इंडिया की क्लाइंट ऑफिसर नीतू बंसल (Neetu Bansal) ने अपने बयान में कहा, “भारतीयों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) पर कड़े रुख का अपनाना, सरकार द्वारा लागू किए गए सख्त नियमों का असर है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री खुद कर रहे हैं. इस वजह से भारतीयों में व्यापक तौर पर जागरूकता और उनके व्यवहार में परिवर्तन देखा जा रहा है.”

हालांकि सर्वे में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि प्लास्टिक के रिसाइकिलिंग (Recycling) को लेकर कम भारतीयों को ही जानकारी है. यह सर्वे 26 जुलाई से 9 अगस्त के बीच किया गया था, जिसमें 19,515 वयस्कों (Adults) को शामिल किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने सिंगल यूज प्लास्टिक की शुरूआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150वीं जयंती (Jubilee) को ध्यान में रखकर किया. मोदी सरकार (Modi Goverment) एक ही बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की छुट्टी करने जा रही है. दरअसल इस तरह की प्लास्टिक का इस्तेमाल भले ही सहज हो लेकिन इसका पर्यावरण और इंसान पर पड़ने वाला नुकसान बहुत ज्यादा है.

(इनपुट-आईएएनएस)