नई दिल्ली: दुनिया फिर से एक बड़े साइबर हमले की चपेट में आ गई है. भारत का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट जेएनपीटी (जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट) भी इस साइबर हमले से नहीं बच पाया है. जेएनपीटी भारत की बड़ी शिपिंग कंपनी है. पोर्ट के एक टर्मिनल का संचालन इससे प्रभावित हुआ है. जेएनपीटी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, हमें सूचना मिली है कि साइबर हमले के कारण सिस्टम डाउन होने से जीटीआई में संचालन थम गया है. यहां काम काज पूरी तरह रोक दिया गया है.

मंगलवार को रूस और यूक्रेन से शुरू हुए इस हमले ने देखते ही देखते यूरोप के कई देशों और अमेरिका के कई सर्वरों को अपनी चपेट में ले लिया. मंगलवार को दोपहर में यूक्रेन की बड़ी कंपनियों, एयरपोर्ट्स और सरकारी विभाग के कंप्यूटरों को हैकरों ने निशाना बनाया था. इस हमले की चपेट में यूरोप के अन्य देश भी आ गए हैं. हैकरों ने नैदरलैंड्स में भी बड़ी शिपिंग कंपनी को निशाना बनाया है.

यूक्रेन के अधिकारियों ने देश के पॉवर ग्रिड और साथ ही बैंकों एवं सरकारी दफ्तरों के कंप्यूटरों में गंभीर घुसपैठ की जानकारी दी है. वहां के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने एक काले कंप्यूटर स्क्रीन की तस्वीर डालते हुए लिखा, पूरा नेटवर्क बंद हो चुका है. रूस की रोसनेफ्ट तेल कंपनी ने भी हैकिंग का शिकार होने की खबर देते हुए कहा कि वह भारी नुकसान से बाल बाल बचा. वहीं डेनमार्क की जहाजरानी कंपनी एपी मोलर-मएर्स्क ने भी ऐसी ही जानकारी दी.

पिछले महीने रैनसमवेयर वायरस के हमले ने दुनिया भर के 100 से अधिक देशों में हड़कंप मचा दिया था. भारत भी इस हमले की चपेट में आ गया था. इस रैनसमवेयर को ‘वाना क्राई (Wanna Cry)’ नाम दिया गया. यह मालवेयर कंप्यूटरों को अपने नियंत्रण में लेने के बाद फाइलों को खोलने के लिए उपभोक्ताओं से फिरौती की मांग करता है.